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ट्रम्प के आगे नहीं चली मोदी की जिद, उठाना पड़ेगा 3600 करोड़ का नुकसान

ईरान पर प्रतिबंधों के चलते चुकानी होगी बड़ी कीमत

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नई दिल्ली. ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के मामले में भारत अब झुकता दिख रहा है और उसने ईरान से तेल खरीद कम करने या बंद करने के संकेत दे दिए हैं। वहीं एक ग्लोबल एजेंसी ने ऐलान कर दिया है कि ईरान से तेल की खरीद बंद करने से सीधे तौर पर भारत को सालाना 3600 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना होगा। दरअसल ईरान दूसरे देशों की तुलना में भारत को कई रियायतों के साथ कम कीमत पर क्रूड बेचता था और अब इसकी भरपाई के वास्ते भारत को क्रूड के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।

 

ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विस कंपनी मूडीज इन्वेस्टर सर्विस के मुताबिक, मोदी सरकार के इस फैसले से अनुमानित तौर पर सरकारी रिफाइनिंग कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL) लगभग 50 करोड़ डॉलर यानी 3600 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ेगा।

 

 

4 नवंबर से लागू हो जाएंगे प्रतिबंध

इससे पहले इसी साल मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के साथ 2015 में हुई न्यूक्लियर डील से पीछे हट गए थे और ईरान पर प्रतिबंधों को फिर से बहाल करने का ऐलान किया था। इस क्रम में अमेरिका ने दुनिया के विभिन्न देशों से 4 नवंबर तक ईरान के साथ कारोबारी संबंध खत्म करने के लिए कहा था। ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध भारत के लिहाज से खासे अहम हैं, क्योंकि इराक और सऊदी अरब के बाद ईरान भारत के लिए तीसरा बड़ा तेल का सप्लायर है। ईरान, भारत को सस्ता क्रूड बेचता है।

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ईरानी क्रूड का बड़ा खरीददार है भारत

मूडीज के मुताबिक, भारत, ईरानी क्रूड के बड़े खरीददारों में से एक है। भारत ने इस वित्त वर्ष के दौरान अप्रैल से अगस्त तक अपनी जरूरत का 30 फीसदी क्रूड ईरान से खरीदा था। इसके अलावा मार्च, 2018 में समाप्त वित्त वर्ष के दौरान भारत ने 22.04 करोड़ टन क्रूड का इंपोर्ट किया था, जिसमें ईरान की हिस्सेदारी 9.40 फीसदी रही थी।

मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, ‘अगर ईरान से क्रूड की सप्लाई पूरी तरह से बंद हो जाती है तो भारत की रिफाइनर कंपनियों की कमाई में कुल 40 से 50 करोड़ डॉलर (2900 करोड़ से 3600 करोड़ रुपए) की कमी जाएगी।’

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मोदी सरकार को लगेगा दोहरा झटका

मोदी सरकार के लिए यह दोहरा झटका साबित होगा, क्योंकि दूसरी तरफ क्रूड की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। वहीं भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज नए रिकॉर्ड बना रही हैं। दिल्ली में जहां पेट्रोल 83 रुपए और डीजल 74 रुपए प्रति लीटर के आसपास पहुंच गया है, वहीं मुंबई में इनकी कीमतें क्रमशः 90 रुपए और 79 रुपए प्रति लीटर के आसपास पहुंच गई हैं।

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भारत को भारी डिस्काउंट देता है ईरान

मूडीज ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि भारतीय रिफाइनर कंपनियां अगले महीने से या तो ईरान से क्रूड के इंपोर्ट में खासी कमी करेंगी या पूरी तरह बंद कर देंगी। नतीजतन भारतीय कंपनियों को क्रूड के लिए दूसरे अरब देशों (मुख्य रूप से सऊदी अरब और इराक) पर निर्भरता बढ़ानी पड़ेगी। अरब देशों की तुलना में ईरानी क्रूड भारत को आम तौर पर 2 से 4 डॉलर के डिस्काउंट पर मिलता है। इसके अलावा ईरान की सरकारी तेल कंपनी नेशनल इरानियन ऑयल कंपनी क्रूड की डिलिवरी पर ढुलाई पर आने वाली कॉस्ट में भी सब्सिडी देती है और पेमेंट की शर्तों में भी आकर्षक ऑफर देती है।’

 
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