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US में शटडाउन, खर्चों से जुड़ा बिल अटकने से पैदा हुआ संकट

चार साल बाद एक बार फिर अमेरिकी सरकार के सामने 'शटडाउन' का संकट पैदा हो गया है।

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वाशिंगटन. सरकारी कामकाज के वास्ते फंडिंग से जुड़े बिल के अटकने से अमेरिका में संकट गहराया गया है। अधिकांश सरकारी विभागों में शनिवार की सुबह शटडाउन की शुरुआत हो गई। दरअसल डेमोक्रेट्स की एकजुटता से अमेरिकी सीनेट में यह बिल पास नहीं हो सका, जिसकी डेडलाइन शुक्रवार थी।

20 जनवरी को ही डोनल्ड ट्रम्प को प्रेसिडेंट बने एक साल पूरा हुआ। ऐसे में इस संकट ने ट्रम्प सरकार की पहली सालगिरह पर ही तगड़ा झटका दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की वेबसाइट के मुताबिक इससे पहले शुक्रवार को अंतिम क्षणों में रिपब्लिकंस और डेमोक्रेट्स के बीच हुई बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला।

 

 

ऐसे पैदा हुआ संकट

रिपब्लिकन के नियंत्रण वाले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने गुरुवार को स्टॉपगैप फंडिंग मीजर्स को मंजूरी दी थी। लेकिन रिपब्लिकंस को सीनेट में बिल पास कराने के लिए कम से कम 10 डेमोक्रेट्स के सपोर्ट की जरूरत थी।

डेमोक्रेटिग लीडर्स ने हजारों अनडॉक्यूमेंटेड इमिग्रैंट्स जिन्हें 'ड्रीमर्स' के नाम से भी जाना जाता है, को प्रोटेक्शन देने सहित कई मांगें रखीं। रिपब्लिकन्स ने इन मांगों को मानने से इनकार कर दिया और कोई भी पक्ष अपने रुख से पीछे हटने को तैयार नहीं था।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने पिछले हफ्ते ही द्विदलीय प्रपोजल को खारिज कर दिया था और कहा था कि वह ड्रीमर्स के लिए पड़ी पैकेज डील करना चाहते हैं, जिसमें मेक्सिको से लगे अमेरिकी बॉर्डर पर एक दीवार बनाना और सुरक्षा व्यवस्था शामिल है।

 

 

सरकारी खर्चों के लिहाज से अहम था बिल

चार साल बाद एक बार फिर अमेरिकी सरकार के सामने फंड का संकट पैदा हो गया है और वहां 'शटडाउन' की शुरुआत भी हो गई है। यह बिल अमेरिका के सरकारी खर्चों के लिहाज से बेहद अहम है। इस वजह से 'शटडाउन' की शुरुआत हो गई है। माना जा रहा है कि अब वहां कई सरकारी विभाग बंद करने पड़ेंगे और लाखों कर्मचारियों को बिना सैलरी के घर बैठना होगा।

 

 

शटडाउन की हुई शुरुआत

खबरों के मुताबिक अमेरिका में सरकारी विभागों पर इसका असर दिखने भी लगा है। अमेरिका में एंटी डेफिशिएंसी एक्ट लागू है। ऐसे फंडिंग बिल के पास नहीं होने से तकनीक तौर पर सरकार का खजाना खाली हो जाएगा। ऐसे में फंड की कमी होने पर सरकारी एजेंसियों को अपना कामकाज रोकना पड़ता है। वहीं सरकार फंड की कमी पूरी करने के लिए एक स्टॉप गैप डील लाती, जिसे अमेरिका की प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में पारित कराना जरूरी होता है। यह बिल प्रतिनिधि सभा से तो पारित हो गया था, लेकिन सीनेट में यह अटक गया।

 

 

 

पहले भी आ चुकी है नौबत

हालांकि अमेरिका के इतिहास में यह पहला मौका नहीं, जब सरकार को शटडाउन से जूझना पड़ा हो। इससे पहले अक्टबूर 2013 में बराक ओबामा के राष्ट्रपति रहने के दौरान भी दो हफ्तों तक सरकारी एजेंसियों के बंद होने से 8 लाख कर्मचारियों को बगैर वेतन के घर बैठना पड़ा था। वहीं 1981, 1984, 1990 और 1995-96 में भी शटडाउन की नौबत आ चुकी है। हालांकि शटडाउन का पब्लिक सेफ्टी और नेशनल सिक्युरिटी से जुड़े कर्मचारियों पर कोई असर नहीं होता है, जो काम करते रहेंगे और फंडिंग के रिन्यू होने तक उन्हें भुगतान नहीं किया जाएगा।

 

 

 

भारत से अमेरिका जाने वालों पर नहीं होगा असर

कॉक्स एंड किंग्स के हेड (रिलेशनशिप्स) करण आनंद ने अमेरिकी शटडाउन पर कहा, 'भारत से ट्रैवल के लिए अमेरिका जाने वालों पर इसका कोई असर नहीं होगा। एयरलाइंस अपने शेड्यूल के हिसाब से ही चल रही हैं। साथ ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल, इमिग्रेशन और कस्टम्स सर्विसेज जैसी आवश्यक सेवाएं शटडाउन के दायरे में नहीं आती हैं।'


 


 

 

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