मोदी पर ट्रम्प का पलटवार, भारत को हो सकता है हजारों करोड़ का नुकसान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली भारत सरकार को अमेरिका की तरफ से बड़ा झटका लग सकता है। सूत्रों के मुताबिक, दुनिया भर में ट्रेड और इन्वेस्टमेंट पॉलिसीज को लेकर बढ़ते विवादों के बीच अमेरिका, भारत से यूएस ट्रेड कन्सेशन वापस ले सकता है, जिसके तहत भारत के 5.6 अरब डॉलर (40 हजार करोड़ रुपए) के एक्सपोर्ट पर अमेरिका में कोई टैक्स नहीं लगता है। अगर ऐसा होता है तो भारत से एक्सपोर्ट होने वाले आइटम्स पर अमेरिका मोटा टैक्स वसूलेगा।

moneybhaskar

Feb 08,2019 06:08:00 PM IST

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली भारत सरकार को अमेरिका की तरफ से बड़ा झटका लग सकता है। सूत्रों के मुताबिक, दुनिया भर में ट्रेड और इन्वेस्टमेंट पॉलिसीज को लेकर बढ़ते विवादों के बीच अमेरिका, भारत से यूएस ट्रेड कन्सेशन वापस ले सकता है, जिसके तहत भारत के 5.6 अरब डॉलर (40 हजार करोड़ रुपए) के एक्सपोर्ट पर अमेरिका में कोई टैक्स नहीं लगता है। अगर ऐसा होता है तो भारत से एक्सपोर्ट होने वाले आइटम्स पर अमेरिका मोटा टैक्स वसूलेगा।

40 साल पुरानी छूट वापस लाने की तैयारी

दरअसल अमेरिका जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रिफरेंसेस (GSP) के तहत भारत को दी जाने वाली छूट वापस लेने पर विचार कर रहा है। यह एक ऐसी स्कीम है, जिसे 1970 के दशक में लागू किया गया था। यह बड़ी इकोनॉमीज के साथ डेफिसिट कम करने की दिशा में 2017 से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा शुरू किए गए प्रयासों के तहत सबसे सख्त कदम होगा। राष्ट्रपति ट्रम्प ऊंचे टैरिफ को लेकर भारत पर लगातार हमला करते रहे हैं।

ट्रम्प और मोदी दोनों का है मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने और देश के करोड़ों युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने के उद्देश्य से मेक इन इंडिया (Make-in-India) अभियान के तहत विदेशी निवेश को आमंत्रित करते रहे हैं। वहीं ट्रम्प ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ कैंपेन के तहत मैन्युफैक्चरिंग को वापस अमेरिका लाने पर जोर देते रहे हैं।


 

भारत ने दिया अमेजन-फ्लिपकार्ट को झटका

हाल में भारत द्वारा ई-कॉमर्स साइट्स के लिए लागू किए गए नए रूल्स के चलते अमेरिकी कंपनियों अमेजन (Amazon) और वालमार्ट बैक्ड फ्लिपकार्ट (Flipkart) को सबसे ज्यादा झटका लगा है। दोनों कंपनियों को तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में बिजनेस करना मुश्किल हो गया है। भारतीय ई-कॉमर्स बिजनेस के वर्ष 2027 तक 200 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

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