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भारत छोड़ने से पहले वित्त मंत्री से हुई थी मुलाकातः माल्या; जेटली ने कहा-झूठा है बयान

विजय माल्या ने कहा कि बीते साल देश छोड़ने से पहले उन्होंने वित्त मंत्री से मुलाकात की थी।

Vijay Mallya says he met Finance Minister before leaving India

 

लंदन. भारत में भगोड़ा घोषित अरबपति कारोबारी विजय माल्या ने कहा कि बीते साल देश छोड़ने से पहले उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी। माल्या ने कहा कि उन्होंने जेनेवा से निकलने से पहले बैंकों के साथ सेटलमेंट करने का ऑफर दिया था, बस यही हकीकत है। वह बुधवार को यूके की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में प्रत्यर्पण मामले में सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रख रहे थे। भारतीय बैंकों के 9 हजार करोड़ रुपए के कर्जदार माल्या बैंकों के साथ फ्रॉड और मनीलॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे हैं। माल्या बीते साल अप्रैल से जमानत पर हैं।

 

जेटली ने दी सफाई-2014 के बाद से किसी को नहीं दिया अप्वाइंटमेंट

माल्या के बयान के बाद अरुण जेटली ने भी अपनी फेसबुक पोस्ट के माध्यम से सफाई दी है। उन्होंने कहा, ‘बयान गलत है, क्योंकि इससे पूरी हकीकत जाहिर नहीं होती है। 2014 के बाद से मैंने किसी को मिलने के लिए अप्वाइंटमेंट नहीं दिया और ऐसे में उनके साथ मुलाकात का सवाल ही नहीं खड़ा होता। हालांकि, वह राज्यसभा के सदस्य थे और अकसर सदन में आते थे।’

जेटली ने कहा कि उसी दौरान एक मौके पर उन्होंने अपने विशेषाधिकार का दुरुपयोग किया, जब मैं सदन से बाहर अपने कमरे में जा रहा था। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने (माल्या ने) मेरे साथ चलते हुए कहा कि मैं सेटलमेंट का एक ऑफर दे रहा हूं। मैंने उनसे साफ कह दिया कि मुझसे बात करने का कोई मतलब नहीं है और उन्हें बैंकर्स को अपने ऑफर देने चाहिए।’

 

वित्त मंत्री को दिया था ऑफरः माल्या

रिपोर्टर्स ने पूछा कि क्या उन्होंने देश से भागने की ‘सलाह’ दी गई थी। उन्होंने कहा, ‘मेरी जेनेवा में मीटिंग तय थी, इसलिए देश से निकला था। मैंने उससे पहले वित्त मंत्री से मुलाकात की और दोबारा बैंकों के साथ सेटलमेंट का ऑफर दिया। सिर्फ यही सच है।’ माल्या के भारत छोड़ते समय वर्ष 2016 में अरुण जेटली वित्त मंत्री थे।

 

पॉलिटिकल फुटबॉल बनाने का लगाया आरोप

उन्होंने रिपोर्टर्स से कहा, ‘मैं पहले ही कह चुका हूं कि मैं एक पॉलिटिकल फुटबॉल बन चुका हूं। इसमें मैं कुछ नहीं कर सकता हूं। मेरा रुख साफ है और मैं कर्नाटक हाईकोर्ट में अपनी 15 हजार करोड़ रुपए की एसेट के बारे में बता चुका हूं।’ उन्होंने कहा कि मीडिया को बैंकों से सवाल करने चाहिए कि वे क्यों रिपेमेंट में उन्हें सहयोग नहीं दे रहे हैं।

 

 

बनाया जा रहा है बलि का बकरा

उन्होंने कहा, ‘मैं निश्चित तौर पर एक बलि का बकरा हूं। मैं खुद को बलि का बकरा महसूस कर रहा हूं। दोनों ही पॉलिटिकल पार्टी मुझे पसंद नहीं करती हैं।’ उन्होंने मुंबई की आर्थर रोड की बैरक 12 के वीडियो पर कटाक्ष किया और कहा, ‘वह बेहद प्रभावशाली है।’ सरकार की इसी जेल में माल्या को रखे जाने के लिए तैयार किया गया है।

 
आर्थर रोड जेल में रखे जाएंगे माल्या

वेस्टमिंस्टर कोर्ट में इससे पहले जुलाई में हुई सुनवाई के दौरान जज ऐम्मा अर्बथनॉट ने भारतीय अधिकारियों से आर्थर रोड जेल की बैरक 12 का ‘स्टेप बाई स्टेप वीडियो’ था, जहां उन्हें मुकदमे के दौरान रखे जाने का अनुमान है। भारत सरकार की तरफ से केस लड़ क्राउन प्रोसिक्यूशन सर्विस (CPS) ने अनुरोध को स्वीकार किया और कोर्ट को वीडियो सौंप दी थी।

 

 

माल्या की टीम ने जेल के निरीक्षण की मांग

माल्या की डिफेंस टीम ने यूके के मानवाधिकारों को पूरा करने के लिए जेल की सेल का निरीक्षण किए जाने की भी मांग की थी। सीपीएस ने जोर देकर कहा कि भारत सरकार ‘पर्याप्त मैटेरियल’ उपलब्ध करा दिया है, जिससे निरीक्षण की कोई जरूरत नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने वीडियो के रिव्यू की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

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