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अमेरिका सरकार बदल रही वीजा रूल्स, काम करने आ सकेंगे सिर्फ बेस्ट विदेशी इम्प्लॉई

अमेरिका सरकार ने कहा कि वह H-1B वीजा के अंतर्गत नौकरी और विशेष ऑक्यूपेशन की परिभाषा में बदलाव की योजना बना रही है।

Trump administration plans major changes in H 1B visas

 

 

वाशिंगटन. अमेरिका सरकार ने कहा कि वह H-1B वीजा के अंतर्गत नौकरी और विशेष ऑक्यूपेशन की परिभाषा में बदलाव की योजना बना रही है। माना जा रहा है कि इससे अमेरिका में काम कर रहीं भारतीय आईटी कंपनियों और छोटी व मझोली कॉन्ट्रैक्चुअल फर्म्स को झटका लगेगा।

 

 

भारतीयों में रहती है एच1बी वीजा की खासी डिमांड

H-1B वीजा एक नॉन इमिग्रेंट्स वीजा है, जिसकी भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स के बीच खासी डिमांड रहती है। इसके माध्यम से अमेरिकी कंपनियां अपने यहां विशेष ऑक्यूपेशन के लिए विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करती हैं, जिनके लिए थ्योरेटिकल या टेक्विकल विशेषज्ञता जरूरी होती है। टेक्नोलॉजी कंपनियां हर साल भारत और चीन जैसे देशों से हजारों की संख्या में कर्मचारियों की नियुक्ति करती हैं।

 

 

जनवरी, 2019 में पेश होगा नया प्रपोजल

अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्युरिटी (DHS) ने बुधवार को कहा कि यूएस सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेस (USCIS) की जनवरी, 2019 तक नया प्रपोजल पेश करने की योजना है। इसमें एच1बी प्रोग्राम के माध्यम से सर्वश्रेष्ठ और प्रतिभाशाली विदेशी नागरिकों को ज्यादा संख्या में आकर्षित करने के लिए ‘स्पेश्यलिटी ऑक्यूपेशन की परिभाषा में बदलाव का प्रस्ताव’ किया जाएगा।

 

 

अमेरिका में एक्टिव हैं 100 भारतीय कंपनियां

हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका में नौकरी करने सिर्फ वे ही आ सकते हैं, जो योग्य हों और देश की मदद कर सकते हों। अमेरिका के 50 राज्यों में 100 भारतीय कंपनियां हैं। इनमें 1 लाख 13 हजार लोग काम कर रहे हैं। मा जा रहा है कि ट्रम्प सरकार के प्रस्ताव का सबसे ज्यादा असर अमेरिका में भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ेगा। यही कंपनियां एच-1बी वीजा के तहत कर्मचारियों को अमेरिका बुलाती हैं।

 

 

अमेरिकियों को सिक्युरिटी देने का लक्ष्य

अमेरिकी गृह मंत्रालय के मुताबिक- हम सही मायने में रोजगार की परिभाषा बदलना चाहते हैं ताकि कंपनी और कर्मचारी के संबंधों को बेहतर बनाया जा सके। साथ ही अमेरिकी कर्मचारियों और उनकी तनख्वाह को सुरक्षित किया जा सके।

 

 

 

H-1B के लिए होंगे ये प्रस्ताव

अफसरों ने यह भी बताया कि प्रस्ताव में एच-1बी वीजाधारकों को उचित तनख्वाह मिलने की भी बात कही गई है। गृह मंत्रालय ने यह प्रस्ताव भी दिया है कि एच-1बी वीजाधारकों की एच-4 वीजा प्राप्त पत्नियों को रोजगार के लिए एलियन एलिजिबल माना जाएगा। अमेरिका में एक एलियन रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी किया जाता है। इसके धारक को वैध प्रवासी माना जाता है जिसे अमेरिका में काम करने और रहने का अधिकार होता है।

अमेरिकी गृह मंत्रालय के मुताबिक- सामान्य रूप से एच-1बी वीजा की मांग काफी ज्यादा रहती है। हम आवेदनों के लिए इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्रेशन प्रोग्राम लाने पर विचार कर रहे हैं। इसके तहत इमिग्रेशन सर्विस एच-1बी आवेदनों को बेहतर तरीके से व्यवस्थित कर सकेंगी।

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