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बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Internationalट्रेड डेफिसिट 3 साल के उच्चतम स्तर पर, एक्सपोर्ट 9% और इंपोर्ट 26% बढ़ा

ट्रेड डेफिसिट 3 साल के उच्चतम स्तर पर, एक्सपोर्ट 9% और इंपोर्ट 26% बढ़ा

 

नई दिल्ली. केमिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की अच्छी शिपमेंट के दम पर जनवरी में भारत का एक्सपोर्ट 9 फीसदी बढ़कर 24.38 अरब डॉलर हो गया। हालांकि ट्रेड डेफिसिट के मोर्चे पर सरकार को तगड़ा झटका लगा, जो तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

 

 

16.3 अरब डॉलर रहा ट्रेड डेफिसिट

जनवरी में ट्रेड डेफिसिट बढ़कर 16.3 अरब डॉलर हो गया, जो लगभग तीन साल का उच्चतम स्तर था। इसकी मुख्य वजह इंपोर्ट में बढ़ोत्तरी रही, जो इस महीने में 26.1 फीसदी की बढ़ोत्तरी के साथ 40.68 अरब डॉलर हो गया। कॉमर्स मिनिस्ट्री द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इंपोर्ट बढ़ने की मुख्य वजह भारत में क्रूड ऑयल की शिपमेंट में बढ़ोत्तरी रही।

इससे पहले नवंबर, 2014 में ट्रेड डेफिसिट 16.86 अरब डॉलर रहा था, उसके बाद का यह उच्चतम स्तर है। इंपोर्ट और एक्सपोर्ट का अंतर ट्रेड डेफिसिट होता है। बीते साल जनवरी में ट्रेड डेफिसिट 9.90 अरब डॉलर रहा था।

 

 

लगातार बढ़ रहा है एक्सपोर्ट

मिनिस्ट्री ने एक स्टेटमेंट में कहा, 'अक्टूबर, 2017 को छोड़ दें तो अगस्त, 2016 से जनवरी, 2018 के बीच एक्सपोर्ट में लगातार बढ़ोत्तरी हुई। अक्टूबर, 2017 में एक्सपोर्ट में 1.1 फीसदी की कमी दर्ज की गई थी।'

अप्रैल-जनवरी, 2017-18 के दौरान कुल एक्सपोर्ट 11.75 फीसदी बढ़कर 247.89 अरब डॉलर हो गया, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह आंकड़ा 221.82 अरब डॉलर रहा था।

 

 

10 महीने में 22 फीसदी बढ़ा इंपोर्ट

वहीं वित्त वर्ष के 10 महीनों में इंपोर्ट 22.21 फीसदी बढ़कर 379 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह आंकड़ा 310 अरब डॉलर रहा था। वहीं इस अवधि में ट्रेड डेफिसिट बढ़कर 131.15 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।

 

इन प्रोडक्ट्स का बढ़ा एक्सपोर्ट

जनवरी में एक्सपोर्ट को केमिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स से खासा बूस्ट मिला, जिसमें क्रमशः 33 फीसदी, 15.77 फीसदी और 39.5 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।

हालांकि रेडीमेड गारमेंट्स का एक्सपोर्ट 8.38 फीसदी घटकर 1.39 अरब डॉलर रह गया।

 

 

गोल्ड इंपोर्ट में 22 फीसदी की कमी

वहीं गोल्ड इंपोर्ट की बात करें तो इसमें कमी दर्ज की गई जो 22 फीसदी घटकर 1.59 अरब डॉलर रह गया, जबकि जनवरी, 2017 में यह आंकड़ा 2.04 अरब डॉलर रहा था।

जनवरी में ऑयल और नॉन ऑयल इंपोर्ट में खासी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई, जो क्रमशः 42.64 फीसदी और 20.49 फीसदी बढ़कर 11.65 अरब डॉलर और 29 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।

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