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सऊदी अरब में तैयार होगा सबसे बड़ा सोलर पावर प्लांट, बनेगा दुनिया का सोलर हब

सऊदी अरब दुनिया सबसे बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है।

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न्यूयॉर्क. सऊदी अरब दुनिया सबसे बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। जापान की निवेश कंपनी सॉफ्टबैंक ने मंगलवार को सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ इस प्रोजेक्ट के समझौतों पर हस्ताक्षर किए। बताया जा रहा है कि सऊदी 2030 तक कुल 200 गीगावॉट पावर के सोलर प्लांट्स बनाना चाहता है। इस पर कुल खर्च 200 बिलियन डॉलर्स (करीब 13 लाख करोड़ रूपए) होगा। इसके अलावा बिजली पर खर्च होने वाले 2.6 लाख करोड़ रुपए बचेंगे और एक लाख नौकरियां मिलेंगी।

 

 

तेल पर निर्भरता कम करना चाहता है सऊदी

सॉफ्टबैंक के चेयरमैन और सीईओ मसायोशी सन ने कहा, "हमारी कंपनी सोलर प्रोजेक्ट में सऊदी की पूरी मदद करेगी। इस प्रोजेक्ट से सऊदी आने वाले समय में दुनिया के लिए सोलर पावर का हब (केंद्र) भी बन सकता है। ये भी मुमकिन है कि सऊदीसोलर मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री शुरू कर दे। यानी सोलर तकनीकों का उत्पादन और उसे दुनियाभर में निर्यात करे। इस तरीके से वो तेल और गैस निर्यात से होने वाली आमदनी को कम कर सकता है।" मसायोशी के मुताबिक, प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद सऊदी अरब में 1 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा होंगी। साथ ही बिजली पर होने वाले 40 बिलियन डॉलर्स (करीब 2 लाख 60 हजार करोड़ रूपए) के खर्चे को भी खत्म किया जा सकेगा।

 

 

साहसिक लेकिन जोखिम भरा कदम

प्रिंस सलमान ने समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा, “ये एक साहसिक कदम है। ये जोखिम भरा भी हो सकता है, लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि ये सफल होगा।”

 

 

विजन 2030 की ओर सऊदी के कदम

बता दें कि सऊदी के किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज ने पिछले साल ही अपने बेटे प्रिंस सलमान को क्राउन प्रिंस की गद्दी सौंपी थी। इसके बाद से ही प्रिंस लगातार सऊदी के बदलाव के लिए विजन 2030 अभियान में जुटे हैं। इस अभियान के तहत सऊदी अरब तेल-गैस और हज यात्रा से होने वाली आमदनी पर निर्भरता कम करना चाहता है। साथ ही अर्थव्यवस्था को विविधता देने के लिए अलग-अलग तरह के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर्स को बढ़ावा देना चाहता है।

 

 

अगले साल तैयार हो जाएंगे दो सोलर पावर प्लांट्स

सोन ने विजन 2030 की तारीफ करते हुए कहा, “सऊदी के पास सूर्य की किरणों की भरमार है और जमीन और बेहतरीन इंजीनियर-कामगारों की भी कोई कमी नहीं है। सबसे जरूरी की देश के पास चीजों को सफल बनाने की दूरदृष्टि है।”  रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले 3-4 सालों में सॉफ्टबैंक सऊदी अरब में 25 बिलियन डॉलर्स (करीब 1 लाख 62 हजार करोड़ रूपए) का निवेश करेगा। इससे प्रिंस के विजन 2030 को भी जोर मिलेगा।

 

इसी साल शुरू हो जाएगा काम

समझौते के तहत पहले दो सोलर पार्क इसी साल बनने शुरू हो जाएंगे। इनकी कुल क्षमता 7.2 गीगावाॅट्स होगी। माना जा रहा है कि 2019 तक इनसे बिजली पैदा करना शुरू कर दिया जाएगा। इनकी कुल लागत 5 बिलियन डॉलर्स (करीब 32 हजार करोड़) रहेगी। इसमें 1 बिलियन डॉलर का खर्च सॉफ्टबैंक उठाएगा, जबकि बाकी राशि प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग से जुटाई जाएगी।

 

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