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अपने ही घर में फंस गए सऊदी के शेख, अटक गया 7 लाख करोड़ रु का प्लान

फंड जुटाने के लिए कई देशों के चक्कर काट रहे थे सऊदी के प्रिंस और मिनिस्टर्स

saudi arabia govt stuck in his own game


रियाद. सऊदी अरब के शेख अपने ही देश में ऐसे फंसे कि उन्हें दुनिया भर से 7 लाख करोड़ रुपए जुटाने के प्लान को टालना पड़ गया। दरअसल सऊदी अरब सरकार ने अपनी कंपनी अरामको के लिए दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ लाने का ऐलान किया था, जिसके माध्यम से उसकी लगभग 100 अरब डॉलर यानी लगभग 7 लाख करोड़ रुपए जुटाने की योजना थी। हालांकि, उसे अपनी ही एक कंपनी में पैसा लगाने के चक्कर में इस आईपीओ को टालने के लिए मजबूर होना पड़ गया है।

 

 

दुनिया भर में काट रहे थे चक्कर

सऊदी सरकार अपने इस प्लान को लेकर इतनी उत्साहित थी कि उसके सुल्तान, क्राउन प्रिंस और कई मिनिस्टर चीन सहित दुनिया भर के कई देशों की विजिट कर चुके थे। इसके पीछे उनकी दुनिया भर के बड़े इन्वेस्टर्स से फंड जुटाने की योजना थी, लेकिन उनकी यह योजना धरी की धरी रह गई। 

रॉयटर्स के मुताबिक, सऊदी अरब अब अपनी लोकल पेट्रोकेमिकल्स मेकर कंपनी सऊदी बेसिक इंडस्ट्रीज कॉर्प में ‘स्ट्रैटजिक स्टेक’ खरीदने पर फोकस कर रही है, जिसके चलते उसने अरामको के लिए बनाई गई फाइनेंशियल एडवाइजर्स की टीम को भंग कर दिया है।

 


इंटरनेशनल के साथ लोकल लिस्टिंग भी टली

आईपीओ की योजना से जुड़े सऊदी सरकार के एक सोर्स ने कहा, ‘आईपीओ के प्लान से पीछे हटने का फैसला कुछ समय पहले ले लिया गया था, लेकिन इसका खुलासा नहीं किया गया था। इसलिए इस संबंध में धीरे-धीरे बातें सामने आ रही हैं।’ एक सोर्स ने कहा, ‘यह संदेश दे दिया गया है कि आईपीओ की योजना को फिलहाल टाल दिया गया है। साथ ही तडावुल स्टॉक एक्सचेंज में लोकल लिस्टिंग को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।’ इससे पहले गुरुवार को सऊदी अरब के एनर्जी मिनिस्टर खालिद अल-फलीह ने आईपीओ लिस्टिंग को टालने की बात को खारिज किया था।’ उन्होंने कहा था कि सरकार सऊदी अरामको का आईपीओ लाने के लिए प्रतिबद्ध है, हालांकि ऐसा उचित हालात और सरकार द्वारा तय समय पर किया जाएगा।

 

 

ऑयल से कमाई घटाने की थी योजना

सऊदी अरामको का आईपीओ सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान देश में शुरू की गई रिफॉर्म की मुहिम का हिस्सा है। इसके माध्यम से सरकार की इकोनॉमी की रीस्ट्रक्चरिंग और ऑयल से होने वाली कमाई पर निर्भरता घटाने की योजना है।

 


5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का था प्लान

वर्ष 2016 में प्रिंस ने लोकल और इंटरनेशनल लिस्टिंग के माध्यम से अरामको की 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना का ऐलान किया था। सऊदी सरकार कंपनी की वैल्यू 2 लाख करोड़ डॉलर या उससे ज्यादा निकलने की उम्मीद कर रही थी। वहीं इस आईपीओ के लगभग 6.7 लाख करोड़ रुपए (या 10 हजार करोड़ डॉलर) का फंड जुटने की उम्मीद थी। हालांकि इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स इस वैल्युएशन पर सवाल खड़े कर रहे थे।

 

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