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हर नागरिक को बोनस देगा सऊदी अरब, हर महीने 19 हजार रु तक मिलेगी राहत

10 फीसदी बढ़ाया छात्रों को दिया जाने वाला भत्‍ता

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नई दिल्‍ली. भले ही सऊदी अरब की तेल की कमाई लगातार घटती जा रही है, लेकिन उसने अपने सिटीजंस को दिए जा रहे भत्तों में कोई कमी नहीं आई है। सऊदी अरब ने महंगाई की मार झेल रही अपनी जनता को 2019 में भी कॉस्ट ऑफ लिविंग अलाउंस जारी रखने का ऐलान किया है। इससे साफ है कि वहां के नागरिकों को हर महीने लगभग 19 हजार रुपए का बोनस मिलता रहेगा।

 

किसको कितना पैसा मिलेगा

इसके तहत सैन्यकर्मियों और सरकारी कर्मचारियों को कॉस्ट ऑफ लिविंग अलाउंस यानी जीवनयापन भत्ता के तौर पर 1,000 रियाल (करीब 18,600 रुपए) मिलेंगे। छात्रों के भत्‍ते में भी 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा पेंशनर्स और सोशल सिक्युरिटी के तहत आने वाले लोगों को अन्य भत्ते मिलते रहेंगे।

सऊदी सरकार नागरिकों द्वारा पहला मकान खरीदने पर 8,50,000 रियाल यानी 22,664 डॉलर (करीब 16 लाख रुपए) का टैक्‍स पहले से भर रही है।

आगे पढ़ें-तेल की कमाई घटी, फिर भी दी सौगात

 

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तेल की कमाई घटी, फिर भी दी सौगात

सऊदी अरब दिया जा रहा यह बोनस इसलिए भी हैरत में डालता है, क्योंकि तेल की कीमतें घटने से उसकी कमाई लगातार कम होती जा रही है। देश के प्रमुख किंग सलमान ने 2019 के बजट में बोनस को जारी रखने का ऐलान किया। सरकार का मानना है कि बजट से देश में स्पेंडिंग में इजाफा होगा।

सऊदी अरब की फाइनेंस मिनिस्ट्री के बयान के मुताबिक, स्टेट स्पेंडिंग 7 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 1.106 लाख करोड़ रियाल यानी 295 अरब डॉलर करने का प्रस्ताव है, जो सितंबर में जारी हुए प्री-बजट स्टेटमेंट के अनुरूप ही है।


आगे पढ़ें-आखिर क्यों जारी रखी राहत

 

 

 

इसलिए दी है राहत

एनालिस्ट्स का मानना है कि बोनस का ऐलान ग्रोथ को रफ्तार देना और रॉयल फैमिली व क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के लिए सपोर्ट जुटाना है। क्राउन प्रिंस को बीते कुछ महीनों से लगातार विवादों का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा 2014 के बाद तेल का बाजार गिरने से रेवेन्‍यू घाटे को पूरा करने के लिए सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने बीते साल अधिकतर गुड्स और सर्विसेज पर वैट लगा दिया था। इससे कई चीजों के दाम बढ़ गए थे। इसके बाद नागरिकों के गुस्से को देखते हुए सरकार ने 2018 के लिए इस पैकेज का ऐलान किया था, जिसे 2019 में भी जारी रखा जाएगा।

 

आगे पढ़ें-इसलिए इकोनॉमी को लगा था झटका

 

 

इसलिए इकोनॉमी को लगा झटका

आपको बता दें कि तेल की कीमत गिरने की वजह से दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक देश सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था गड़बड़ा गई है। इसके चलते शाही शासन ने वस्तुओं की खरीद-बिक्री पर वैट लागू किया, सब्सिडी कम की गईं और आय के वैकल्पिक तरीके तलाशे गए। इसी के चलते शाही परिवार से जुड़े लोगों को मिलने वाली मासिक रकम भी कम की गई है।

 
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