10 हजार गायों ने मुल्‍क को संभाल लि‍या, बड़े संकट में घि‍र गया था अरब देश

दुनि‍या के अमीर देशों में शुमार इस मुल्‍क ने अगर सालभर पहले ये फैसला नहीं लि‍या होता तो आज वहां के बच्‍चे ताजा दूध और अन्‍य मिल्‍क प्रोडक्‍ट के लि‍ए तरस रहे होते। एक साल पहले तक जि‍स देश ने गौ पालन के बारे में सोचा भी नहीं था वह आज गायों को पालने के अपने फैसले पर गर्व महसूस कर रहा है। आज यह मुल्‍क दूध के मामले में कि‍सी पर डि‍पेंड नहीं है।

moneybhaskar

Dec 06,2018 11:23:00 AM IST

नई दि‍ल्‍ली। दुनि‍या के अमीर देशों में शुमार इस मुल्‍क ने अगर सालभर पहले ये फैसला नहीं लि‍या होता तो आज वहां के बच्‍चे ताजा दूध और अन्‍य मिल्‍क प्रोडक्‍ट के लि‍ए तरस रहे होते। एक साल पहले तक जि‍स देश ने गौ पालन के बारे में सोचा भी नहीं था वह आज गायों को पालने के अपने फैसले पर गर्व महसूस कर रहा है। आज यह मुल्‍क दूध के मामले में कि‍सी पर डि‍पेंड नहीं है। गौरतलब है कि तेल और गैस के बड़े भंडारों के मालि‍क कतर की पड़ोसी देशों ने नाकेबंदी कर रखी है। दूध की सप्‍लाई के लि‍ए कतर अभी तक पूरी तरह से सऊदी अरब पर निर्भर था।

कतर ने हाल में खुद को तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक से अलग होने का ऐलान कर दिया है, जिसकी अगुआई सऊदी अरब के हाथ में है।

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बीते साल जून को हुई नाकेबंदी

पिछले साल पांच जून को सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मिस्र ने कतर से सभी तरह के कूटनीतिक, व्यापारिक और ट्रांसपोर्ट लिंक तोड़ लिए थे। इसकी वजह से दूध सहित कई जरूरी सामान की आपूर्ति बाधि‍त हो गई। बीबीसी की रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, इस संकट की सुगबुगाहट के समय ही कतर ने अमेरि‍का से उन्‍नत नस्‍ल की गाय मंगा लीं। कतर एयरवेज की फ्लाइट इन्‍हें लेकर आई। इस रेगि‍स्‍तानी मुल्‍क में इन गायों के लि‍ए एयरकंडीशंड गौशाला बनाई गई है, जहां मशीनों की मदद से इनका दूध नि‍काला जाता है। यहां अभी करीब 10 हजार गाय हैं।

आगे पढ़ें-समय पर फैसला नहीं लेते तो हो जाती मुसीबत

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समय से फैसला नहीं लेते तो संकट हो जाता

कतर के बलडाना फार्म के मैनेजर पीटर वेल्टेव्रेडेन ने कहा, सभी कह रहे थे कि ऐसा करना नामुमकिन है लेकिन हम ने इसे कर दिखाया। हमने वादा किया था कि क़तर का संकट शुरू होने के एक साल के भीतर हम ताजे दूध के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएंगे। दरअसल चरमपंथ को समर्थन देने, क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने और अरब देशों के पुराने दुश्मन ईरान के साथ नजदीकियां बढ़ाने का आरोप लगाते हुए सऊदी सहित अन्‍य पड़ोसी देशों ने करत से लेनदेन बंद कर दि‍या है। ऐसे में अगर कतर ने समय रहते ये फैसला नहीं लि‍या होता तो वहां दूध का बड़ा संकट पैदा हो जाता। गायों ने कम से कम दूध के मामले में तो करत को आत्‍मनिर्भर बना दि‍या है।

 

आगे पढ़ें-अब ओपेक से अलग होने का किया ऐलान

 

 

ओपेक से अलग होने का किया ऐलान

कतर ने हाल में तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक (OPEC) से अलग होने का ऐलान कर दिया है। कतर के एनर्जी मिनिस्टर साद अल-काबी ने अब उनका देश गैस प्रोडक्शन पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसे देखते हुए ही यह फैसला लिया गया है। हालांकि कतर तेल का उत्पादन करता रहेगा।

काबी ने दोहा में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा, ‘कतर ने ओपेक से अपनी मेंबरशिप वापस लेने का फैसला किया है, जो जनवरी 2019 से प्रभावी होगा।’ उन्होंने कहा कि कतर आगे भी तेल का उत्पादन करता रहेगा, लेकिन गैस प्रोडक्शन पर उसका ज्यादा जोर रहेगा। कतर दुनिया में लिक्विफाइड नैचुरल गैस (एलएनजी) का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है। उन्होंने कहा कि कि तेल में कतर के लिए ज्यादा संभावनाएं नहीं है और यह हकीकत है।

 
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