Home » Economy » InternationalPM Khan says Pak may not seek IMF bailout, seeking help from 'friendly countries':

पाई-पाई को मोहताज पाकिस्तान के अचानक बदले तेवर, कहा-IMF से नहीं लेंगे पैसा

मित्र देशों से भरोसा मिलने के बाद बदले इमरान खान के सुर

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इस्लामाबाद. हाल के दिनों में कर्ज के लिए दुनिया भर में गुहार लगा रहे पाकिस्तान के अचानक तेवर बदल गए हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि कुछ ‘मित्र देशों’ से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद संभवतः हम आईएमएफ से कर्ज के लिए संपर्क ही न करें। गौरतलब है कि पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार खाली होने के कगार पर पहुंच गया है और उसने कुछ दिन पहले ही कर्ज के लिए इकोनॉमिक क्राइसिस के मद्देनजर बेलआउट के लिए आईएमएफ से संपर्क किया था। माना जा रहा है कि ‘मित्र देशों’ से उसका संबंध चीन और सऊदी अरब से है।

 

 

चीन और सऊदी अरब से बातचीत की चर्चा

बुधवार को कुछ सीनियर एडिटर्स से बातचीत करते हुए खान ने कहा कि उनकी सरकार कुछ ‘मित्र देशों’ के साथ संपर्क में है और उसने बैलेंस ऑफ पेमेंट डेफिसिट व कम होते विदेशी मुद्रा भंडार के मद्देनजर उनसे सहयोग मांगा है। हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार आर्थिक मदद के लिए चीन और सऊदी अरब जैसे पुराने सहयोगियों के साथ बातचीत कर रही है।

द न्यूज ने पीएम खान के हवाले से लिखा, ‘रिस्पॉन्स सकारात्मक रहा है। मुझे उम्मीद है कि हम अपनी आर्थिक जरूरतों के लिए इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) से संपर्क नहीं करेंगे।’

 

 

बेलआउट प्लान पर आईएमएफ ने उठाए थे सवाल

इमरान खान का बयान इसलिए भी अहम है, क्योंकि पाकिस्तान के बेलआउट प्लान पर आईएमएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टीन लैगार्डे और अमेरिका के साथ उनकी बातचीत अटकती दिख रही है। आईएमएफ पाकिस्तान पर मौजूदा कर्ज को लेकर ट्रांसपरेंसी की मांग कर रहा है और उसने हाल में पाकिस्तान पर अपने कुल कर्ज के बारे में बताने के लिए कहा था, जिसमें चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) प्रोजेक्ट्स के तहत चीन से लिया गया कर्ज भी शामिल है।  

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लग्जरी कारें बेचने को हुए मजबूर

इकोनॉमी को पटरी पर लाने के लिए प्रधानमंत्री खान की लग्जरी कारों की बिक्री के अलावा सरकार के स्वामित्व वाली इमारतों को यूनिवर्सिटीज में तब्दील करने, वीआईपी सिक्युरिटी प्रोटोकॉल कम करने और सरकारी दफ्तरों में एसी का इस्तेमाल कम करने की भी योजना है।

 

पाक को 10 से 12 अरब डॉलर की है जरूरत

खान पाकिस्तान को बैलेंस ऑफ पेमेंट क्राइसिस से निकालने के लिए लगातार कोशिशें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार को 10 से 12 अरब डॉलर की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की इकोनॉमी मुश्किल दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने खासा ज्यादा कर्ज लिया था और उनकी सरकार के लिए इसे चुकाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘अगर पिछली सरकारों ने कर्ज के माध्यम से मिली रकम का सही इस्तेमाल किया होता तो आज देश की इकोनॉमी अच्छी स्थिति में होती।’

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आईएमएफ से लगाई थी गुहार

पाकिस्तान के वित्त मंत्री असद उमर ने 12 अक्टूबर को बाली (इंडोनेशिया) में हुई आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक की एनुअल मीटिंग के दौरान आईएमएफ चीफ लैगार्डे से मुलाकात की थी और औपचारिक तौर पर ‘स्टैब्लाइजेशन रिकवरी प्रोग्राम’ का अनुरोध किया था। उमर ने कहा था कि आईएमएफ की टीम 7 नवंबर को पाकिस्तान का दौरा करेगी।

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