पाकिस्तान की हो गई ऐसी हालत, बेचनी पड़ेंगी सरकारी एयरलाइंस सहित 48 कंपनियां

भारत के साथ टकराव से जूझ रही पाकिस्तान की आर्थिक हालत इतनी खराब हो गई कि उसे एक बड़ा फैसला लेने को मजबूर होना पड़ गया है।

moneybhaskar

Mar 06,2019 08:32:00 PM IST


इस्लामाबाद. भारत के साथ टकराव से जूझ रही पाकिस्तान की आर्थिक हालत इतनी खराब हो गई कि उसे एक बड़ा फैसला लेने को मजबूर होना पड़ गया है। प्रधानमंत्री इमरान खान की अगुआई वाली सरकार ने सरकारी विमानन कंपनी पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) और स्टील मिल्स सहित 48 कंपनियों को बेचने का ऐलान किया है। हालांकि सरकार इसे निजीकरण की प्रक्रिया बता रही है।

सरकारी समिति ने लिया फैसला

निजीकरण पर सैय्यद मुस्तफा महमूद की अध्यक्षता में बनाई गई नेशनल असेंबली स्थायी समिति की एक बैठक में यह फैसला लिया गया। निजीकरण सचिव रिजवान मलिक ने बैठक में पाकिस्तान सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों के 5 वर्ष के लिए निजीकरण कार्यक्रम पेश किया। सचिव ने बैठक् में बताया कि डेढ़ साल के भीतर 7 कंपनियों की बिक्री होगी।

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चीन और रूस की कंपनियां दौड़ में

इनमें दो एलएनजी संयंत्र हवेली बहादुरशाह और बालुकी ऊर्जा संयंत्र शामिल हैं। स्टील मिल्स के निजीकरण के लिए चीन और रूस की पांच से छह कंपनियों से बातचीत जारी है। इसे सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत बेचा जाएगा और प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता में 11 लाख से 35 लाख टन की बढ़ोतरी की जाएगी। 

 

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पाकिस्तान एयरलाइंस 40 हजार करोड़ के घाटे में

उन्होंने बताया कि पीआईए और स्टील मिल्स का घाटा 60 हजार करोड़ रुपए पर पहुंच चुका है। पीआईए के 40 हजार करोड़ रुपए के घाटे को देखते हुए इस राष्ट्रीय विमान सेवा को कोई खरीदना पसंद नहीं करेगा। 

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