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ट्रम्प के एक्शन पर पाक का पलटवार, चीनी करंसी युआन में फॉरेन ट्रांजैक्शन को दी मंजूरी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प द्वारा आर्थिक मदद रोकने के एक दिन बाद पाकिस्तान ने तगड़ा पलटवार किया।

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नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प द्वारा आर्थिक मदद रोकने के एक दिन बाद पाकिस्तान ने तगड़ा पलटवार किया। पाकिस्तान ने ऐसा फैसला लिया, जिससे अमेरिका के कट्टर विरोधी चीन की करंसी युआन के उसके यहां इस्तेमाल का रास्ता साफ हो गया। पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने फॉरेन करंसी ट्रांजैक्शन में युआन के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। इसका मतलब है कि पाकिस्तान और चीन के बैंक पाकिस्तानी रुपए और युआन में जारी लेटर्स ऑफ क्रेडिट के माध्यम से इंपोर्ट शुरू करने में सक्षम हो जाएंगे।

 

 

चीनी इंपोर्ट के लिए युआन में हो सकेगा भुगतान

पाकिस्तान, चीन से होने वाले इंपोर्ट के लिए युआन में भुगतान में सक्षम हो जाएगा और चीनी कंपनियां सीपीईसी प्रोजेक्ट्स में युआन डिनोमिनेटेड फंड्स के माध्यम से निवेश कर सकेंगी। इसके साथ ही चीनी कंपनियां अपना प्रॉफिट और डिविडेंड भी युआन में लेंगी।

 

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स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने दिया यह बयान

स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान द्वारा जारी एक रिलीज के मुताबिक, 'पाकिस्तान में फॉरेन करंसी ट्रांजैक्शन के लिए चीनी युआन एक मान्यता प्राप्त फॉरेन करंसी है। एसबीपी पहले ही रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क को लागू कर चुकी है, जिससे ट्रेड और लेटर्स ऑफ क्रेडिट की ओपनिंग जैसे इन्वेस्टमेंट ट्रांजैक्शन सुनिश्चित होंगे। साथ ही युआन में फाइनेंसिंग की फैसिलिटी भी उपलब्ध होगी। पाकिस्तान में रेग्युलेशंस के मामले में युआन भी डॉलर, यूरो और जापानी येन जैसी इंटरनेशनल करंसीज की तरह है।'

 

युआन का बढ़ा कद

इससे साफ हो गया है कि युआन को अमेरिकी डॉलर, यूरो जोन के यूरो और जापानी करंसी येन के बराबर दर्जा मिल गया है। यह कदम भी दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियों का एक और उदाहरण है।

 

 

पाक के बैंकों में जमा हो सकेंगे युआन

स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने कहा, 'चीन के पीपल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) के साथ करंसी स्वैप एग्रीमेंट (सीएसए) के बाद एसबीपी ने चीन के साथ बाईलेटरल ट्रेड और इन्वेस्टमेंट के लिए पाकिस्तान में युआन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। एसबीपी ने बैंकों को युआन डिपॉजिट करने और युआन में ट्रेड लोन देने को अनुमति दे दी है।'

 

 

 

ट्रम्प ने किया था पाक पर अटैक

अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को ही एक ट्वीट के माध्यम से कहा था, 'बस, बहुत हुआ। हम पाकिस्तान को हर साल भारी रकम देते रहे हैं। ऐसा मदद के नाम पर हुआ।' ट्रम्प ने बेहद सख्त लहजे में कहा था कि उनके एडमिनिस्ट्रेशन में अब यह बहस खत्म हो गई है और अब इस्लामाबाद को सजा देने का वक्त आ गया है। उन्होंने टेररिज्म के खिलाफ सहयोग देने में पाकिस्तान अभी तक नाकाम रहा है और उसे इसका अंजाम भुगतना होगा।

 

 

15 साल से बेवकूफ बना रहा है पाकिस्तानः ट्रम्प

उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान लगातार अमेरिका को बेवकूफ बना रहा है और बीते 15 साल के दौरान मदद के नाम पर वह उससे 2.14 लाख करोड़ रुपए ऐंठ चुका है। पाकिस्तान ने झूठ और धोखे के अलावा अभी तक कुछ भी नहीं किया। वह एक तरह से हमारे लीडर्स को बेवकूफ बनाता आ रहा है। हम जिन आतंकवादियों को अफगानिस्तान में खोज रहे थे, उसने उन्हें अपने यहां पनाह दी। बस अब और नहीं।'

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