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उल्टा मोदी पर ही अरब देशों ने दागे सवाल, चेतावनी पर कहा-पहले तो कर रहे थे तारीफ

OPEC ने दी सफाई, कहा-हमने नहीं किया इंडिया को फेल

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चेतावनी के एक दिन बाद अरब देश सफाई देने के लिए आगे आए हैं। इतना ही नहीं उन्होंने उलटा पीएम मोदी पर ही सवाल दाग दिए हैं। तेल उत्पादक देशों के संगठन (OPEC) ने कहा कि उन्होंने भारत और अन्य ऑयल कंज्यूमर कंट्रीज को फेल नहीं किया है, क्योंकि चार साल की मंदी के बाद उन्होंने मार्केट में स्टैब्लिटी को बहाल किया था। ओपेक के मेंबर्स में अधिकांश अरब देश हैं।  

 

 

उल्टा पीएम मोदी पर ही दागे सवाल

हालांकि ओपेक के सेक्रेटरी जनरल सानुसी बरकिंडो ने कहा कि बीते महीनों में आई स्टैबिलिटी को दुनिया के लीडिंग ट्रेडिंग पार्टनर्स के बीच टकराव जैसी घटनाओं के कारण हालात बिगड़ रहे हैं और ब्याज दरों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। उन्होंने इंडिया एनर्जी फोरम में अपने संबोधन के दौरान ये बातें कहीं।

हालांकि उन्होंने मोदी की चेतावनी पर उल्टा पीएम मोदी पर ही सवाल दाग दिए। उन्होंने कहा कि एक साल पहले पीएम मोदी, तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और इंडस्ट्री लीडर्स सभी ने ‘मंदी से इंडस्ट्री को उबारने के लिए ओपेक और गैर ओपेक देशों के संयुक्त प्रयासों की तारीफ की थी।’

 

 

हमने भारत को नहीं किया फेलःओपेक

उन्होंने कहा, ‘तेल के तीसरे बड़े कंज्यूमर भारत ने खुद इस बाजार में स्टैबिलिटी लाने की दिशा में किए गए इस सामूहिक प्रयास को माना था। आगे भी स्टैबिलिटी लाने की दिशा में प्रयास किए जाते रहेंगे।’ तेल के बाजार में बिना स्टैबिलिटी बड़े कंज्यूमर देश डिमांड और सप्लाई के प्रबंधन की योजना नहीं बना सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘हमने भारत को फेल नहीं किया है। हमारे सभी फैसले कंज्यूमर देशों के हितों को देखकर ही लिए जाते हैं। भारत के विकास, संपन्नता और तेल के इस्तमाल में हमारे भी हित हैं।’

आगे पढ़ें-पीएम मोदी ने दी थी क्या चेतावनी

 

 

पीएम मोदी ने दी थी यह चेतावनी

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के मद्देनजर अरब देशों को चेतावनी भी दी थी। उन्होंने कहा था कि ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और रुपए में कमजोरी के चलते गोलबल इकोनॉमी पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। पीएम मोदी ने पेट्रोलियम उत्पादक देशों से कच्चे तेल के आयात की पेमेंट की शर्तों के रिव्यू पर भी जोर दिया, जिससे आयातक देशों की लोकल करंसी को कुछ राहत मिल सके।

आगे बढ़ें-तेल का तीसरा बड़ा इंपोर्ट है भारत

 

 

 

तीसरा बड़ा इंपोर्टर देश है भारत

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल इंपोर्टर देश है। बीते दो महीने से कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के चलते भारत भारी दबाव में है। इससे घरेलू स्तर पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतें रोज नए रिकॉर्ड बना रही हैं। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है, साथ ही चालू खाते का घाटा बढ़ने का जोखिम भी बढ़ रहा है।

     

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