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भारत का बजा डंका तो बौखला गया चीन, मालदीव पर फोड़ा 23 हजार करोड़ का बम

Maldives: मुस्लिम देश के हर नागरिक को बना दिया 5.60 लाख रु का कर्जदार

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माले. Maldives: एक हफ्ता पहले मालदीव में नई सरकार बनने के बाद वहां पर एक बार फिर भारत का डंका बजने लगा है और चीन के मंसूबे धरे के धरे रह गए हैं। अचानक बाजी पलटती देखकर बौखलाए चीन ने मालदीव पर करोड़ों का बम फोड़ दिया है। दरअसल चीन ने हिंद महासागर में स्थित इस छोटे से देश की सरकार को 3.2 अरब डॉलर (23 हजार करोड़ रुपए) के कर्ज की इनवॉइस सौंपी है, जो मालदीव के हर नागरिक पर 8 हजार डॉलर (5.60 लाख) कर्ज के बराबर है। हालांकि चीन ने इस आंकड़े को खारिज करते हुए कहा कि यह लगभग 1.5 अरब डॉलर के आसपास है।

 

रातोंरात मालदीव पहुंच गए थे मोदी

मालदीव में नई सरकार की ताजपोशी भारत के लिए इतनी अहम थी कि पीएम नरेंद्र मोदी एक बुलावे पर रातोंरात राष्ट्रपति पद के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंच गए  थे। प्रधानमंत्री के तौर पर यह मोदी का पहला मालदीव दौरा था। इससे पहले 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हिंद महासागर के इस द्वीपीय देश की यात्रा की थी। पीएम मोदी ने कहा था, ‘हमारी इच्छा स्थायी, लोकतांत्रिक, संपन्न और शांतिपूर्ण मालदीव देखने की है।’

 

पिछली सरकार पर लगे थे चीन से भारी कर्ज लेने के आरोप

रॉयटर्स के मुताबिक, हालांकि एक हफ्ते पहले कमान संभालने वाले राष्ट्रपति मोहम्मद इब्राहिम सोलिह की सरकार ने कहा कि उसे अभी तक चीन के वास्तविक कर्ज के बारे में नहीं पता है। दरअसल सोलिह चीन की ओर झुकाव रखने वाली पूर्ववर्ती अब्दुल्ला यमीन सरकार पर सरकारी खजाने को जमकर लूटने और चीन से भारी कर्ज लेने का आरोप लगाते रहे हैं। माना जाता है कि चीन ने यहां पर सड़क और हाउसिंग निर्माण के नाम पर करोड़ों डॉलर का निवेश किया है।

आगे पढ़ें-चीनी राजदूत ने खुद सौंपी कर्ज की इनवॉयस

 

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चीनी राजदूत ने सौंपी कर्ज की इनवॉयस

सोलिह के सलाहकार और पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने कहा कि चीन के राजदूत झांग लिझोंग ने 3.2 अरब डॉलर के कर्ज की इनवॉइस सौंपी है, जो देश के हर व्यक्ति पर करीब 8000 डॉलर के बराबर है। नशीद ने कहा कि यह आंकड़ा चौंकाने वाला है। नशीद ने कहा कि चुनाव में जीत के बात चीनी राजदूत ने सोलिह को एक नोट सौंपा था। हालांकि उन्होंने यह बताया कि नोट में वास्तव में क्या लिखा हुआ था।

वहीं चीन ने कहा कि इस रकम को बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है।

 

आगे पढ़ें-कैसे बदतर हुई मालदीव की हालत

 

 

बदतर हो चुकी है देश की आर्थिक स्थितिः नशीद

गौरतलब है कि इस आइसलैंड चेन की आबादी लगभग 4 लाख है, जिसे अपने सफेद रेत के समुद्र तटों और नीले पानी के लिए जाना जाता है। यामीन सरकार के दौरान मालदीव के चीन के कर्ज के जाल में फंसने के आरोप लग रहे थे, जिसके चलते सोलिह को राष्ट्रपति चुनाव में यामीन को शिकस्त देने में मदद मिली।

 

मुश्किल हो रहा चीन का कर्ज समझना

पिछले हफ्ते सत्ता संभालने के बाद सोलिह सरकार ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति बद्तर हालत में है और चीनी कंपनियों के साथ हुईं डील्स की वास्तविक डिटेल खंगालने में कई हफ्ते या महीनों लगेंगे। नशीद ने कहा, ‘हमारे लिए चीन के वास्तविक कर्ज को समझना खासा मुश्किल हो रहा है।’

उन्होंने कहा, ‘प्रत्यक्ष कर या प्रत्यक्ष द्विपक्षीय सरकार से सरकार को कर्ज अलग-अलग चीज है, लेकिन प्राइवेट सेक्टर के लिए दी गई सॉवरेन गारंटी सबसे अहम है। सबसे बड़ी बात है कि हमारी सरकारी कंपनियां कर्ज के जाल में फंस गई हैं।’

 

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