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नीरव मोदी और चौकसी को PMLA कोर्ट का समन, भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून के तहत पहली कार्रवाई

नए भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून के तहत पहली कार्रवाई शुरू होती दिख रही है।

Nirav Modi, Choksi summoned by court under new fugitive offen

 

मुंबई. नए भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून के तहत पहली कार्रवाई हो गई है। इसके तहत गुरुवार को एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) की अपील पर PMLA कोर्ट ने हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उनके अंकल मेहुल चौकसी को समन भेजा है और दोनों को क्रमशः 25 और 26 सितंबर को पेश होने के लिए कहा है। उनके खिलाफ यह कार्रवाई 2 अरब डॉलर (लगभग 13500 करोड़ रुपए) के पीएनबी बैंक फ्रॉड केस में की गई है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है।

 

 

25 और 26 सितंबर को पेश होने के लिए कहा

जांच एजेंसी ने हाल में कोर्ट से हीरा कारोबारियों को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित करने और इस मामले में उनकी 3,500 करोड़ रुपए की एसेट जब्त करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने भगोड़े आर्थिक अपराधी कानून के अंतर्गत उन्हें 25 (नीरव मोदी) और 26 (मेहुल चौकसी) सितंबर को पेश होने के लिए कहा है।

 

 

ईडी की अपील पर कार्रवाई

ईडी ने दोनों के खिलाफ स्पेशल कोर्ट में दो अलग-अलग एप्लीकेशन फाइल की थी, जो प्रिवेंशनल ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट (पीएमएलए) के अंतर्गत मामलों की सुनवाई करती है।

पार्लियामेंट ने बुधवार को ही भगोड़ा आर्थिक अपराधी बिल को राज्यसभा में पारित किया है। लोकसभा में इस बिल को बीती 19 जुलाई को ही मंजूरी मिल चुकी थी। एजेंसी ने इस महीने की शुरुआत में 9,000 करोड़ रुपए के बैंक लोन फ्रॉड के आरोपी बिजनेसमैन विजय माल्या के खिलाफ ऐसी ही एक एप्लीकेशन फाइल की थी और कोर्ट ने उन्हें 27 अगस्त को पेश होने के लिए समन भेजा था।

 

 

यूएई और यूके की संपत्तियां हो सकती हैं जब्त

हीरा कारोबारियों के मामले में एजेंसी ने दोनों की यूनाइटेड किंगडम और यूएई स्थित चल और अचल संपत्तियां जब्त किए जाने की मांग की है। यह कदम एजेंसी द्वारा दोनों हीरा कारोबारियों के खिलाफ फाइल की गईं दो पीएमएलए चार्जशीट में लगाए गए मनी लॉन्डरिंग के आरोपों के आधार पर की गई है।

 

 

राज्यसभा में पारित हुआ भगोड़ा आर्थिक अपराधी बिल

भगोड़ा आर्थिक अपराधी बिल 2018 बुधवार को ही राज्यसभा में पारित हुआ है। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए देश छोड़कर भागने के मामलों को  रोकना जरूरी है। इस समस्या से निपटने के लिए मौजूदा कानून में सख्ती के प्रावधान नहीं हैं। क्रिमिनल लॉ में भगोड़े अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का अधिकार नहीं है। ऐसे लोगों से निपटने में नया बिल प्रभावी साबित होगा।

 

 

आर्थिक अपराधियों को विदेश भागने से रोकने में मिलेगी मदद

अभी तक देश में जो कानून हैं वह आर्थिक अपराधियों को विदेश भागने से रोकने में नाकाम साबित हो रहे थे। इस बिल में कड़े प्रावधान किए गए हैं। नए बिल में इन खामियों को दूर किया गया है। इसमें उन लोगों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी के रूप में परिभाषित किया गया है।

 

 

पूरी संपत्ति होगी जब्‍त

इस बिल में भगोड़े अपराधी की सिर्फ अपराध के जरिए हासिल की गई संपत्ति ही नहीं, बल्कि उसकी पूरी संपत्ति को जब्त करने का प्रावधान है। सदन में बिल को लेकर हुई चर्चा के दौरान वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इसमें एजेंसी को बेनामी संपत्ति जब्त करने के भी अधिकार दिए गए हैं। यह देश छोड़कर भाग गए लोगों पर भी लागू होगा। यह बिल भगोड़े आर्थिक अपराधियों के मामले में स्पेशल कोर्ट्स में चल रही सुनवाई के खिलाफ दूसरे अदालतों को किसी तरह के राहत देने से भी रोकता है।

 

 

भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई कौन करेगा?

अध्यादेश के प्रावधान के मुताबिक, डायरेक्टर या डिप्टी डायरेक्टर स्तर का अधिकारी किसी आरोपी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर सकेगा। इसके लिए विशेष अदालत में याचिका देनी होगी। इसमें आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत देने होंगे।

 

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