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ट्रम्प के ट्रेड वार पर भारत का पलटवार, बादाम-अखरोट पर बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा शुरू की गई ट्रेड वार पर भारत ने भी पलटवार कर दिया है।

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नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा शुरू की गई ट्रेड वार पर भारत ने भी पलटवार कर दिया है। बुधवार को भारत सरकार ने अखरोट पर इंपोर्ट ड्यूटी 30 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी कर दी है। इसके अलावा बादाम पर इंपोर्ट ड्यूटी 65 रुपए से बढ़ाकर 100 रुपए प्रति किलो कर दी है। यह इसलिए भी अहम है कि भारत, अमेरिका से बड़ी मात्रा में बादाम और अखरोट का आयात करता है।

 

 

प्रोटीन कंसंट्रेट पर भी लगाई ड्यूटी

सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (सीबीआईसी) ने इस संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके अलावा प्रोटीन कंसंट्रेट इंपोर्ट ड्यूटी भी 10 से बढ़ाकर 40 फीसदी कर दी है, जिसे भी खास तौर पर अमेरिका से बड़े स्तर पर इंपोर्ट किया जा सकता है। प्रोटीन कंसंट्रेट से चीज़ बनाया जाता है और साथ ही इसे बॉडी बिल्डिंग से संबंधित प्रोडक्ट्स बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है।

 

 

अखरोट और बादाम का बड़ा इंपोर्टर है भारत

भारत, अमेरिका से बादाम इंपोर्ट करने वाले बड़े देशों में शामिल है। अगस्त, 2016 से फरवरी, 2017 के बीच भारत, अमेरिका से सबसे ज्यादा बादाम का आयात करने वाला देश था। इसके अलावा भारत अखरोट का भी बड़ी मात्रा में अमेरिका से इंपोर्ट करता है।

 

 

अमेरिका ने लगाई थी स्टील-एल्युमीनियम पर अतिरिक्त ड्यूटी

अमेरिका ने 9 मार्च को भारत सहि‍त अन्‍य देशों से आयात होने वाले स्‍टील पर 25 फीसदी और एल्‍यूमीनियम पर 10 फीसदी अतिरिक्‍त ड्यूटी लगाई थी। अमेरिका के इस कदम से केवल कनाडा और मैक्सिको को छूट दी गई थी। ड्यूटी में यह बढ़ोत्तरी 21 जून 2018 से लागू होनी है।  भारत ने कहा था कि अमेरिका ने यह कदम बिना चर्चा के उठाया है। भारत ऐसे में अमेरिका को दी जा रही रियायत को खत्‍म कर सकता है।

 

 

भारत ने WTO में भी उठाया स्टील टैरिफ का मामला

उधर, भारत ने अमेरिका के स्टील और एल्युमीनियम पर टैरिफ लगाए जाने की शिकायत वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूटीओ) में की है। डब्ल्यूटीओ द्वारा बुधवार को पब्लिश की गई फाइलिंग में यह बात सामने आई है। भारतीय अधिकारियों ने बीते महीने ही कहा था कि अगर भारत की कंपनियों को इससे छूट नहीं दी जाती है तो यह मामला डब्ल्यूटीओ में उठाया जाएगा।

 

 

चीन, रूस, जापान भी हैं विरोध में

भारत, चीन, रूस, जापान, तुर्की और यूरोपियन यूनियन सभी ने अमेरिका के दावे को खारिज करते हुए कहा था कि यूएस टैरिफ ‘सेफगार्ड्स’ डब्ल्यूटीओ के अंतर्गत आता है, इसलिए वे कुल 3.5 अरब डॉलर का सालाना कम्पन्सेशन पाने के हकदार हैं।

भारत ने दावा किया कि उसे एल्युमीनियम एक्सपोर्ट पर 3.1 करोड़ डॉलर और स्टील पर 13.4 करोड़ डॉलर का बोझ पड़ेगा।

 

 

इन प्रोडक्ट्स पर भी ड्यूटी लगा सकता है भारत

भारत, अमेरिका से इंपोर्ट होने वाले कई अन्य प्रोडक्ट्स पर भी एक्शन ले सकता है। भारत ने कहा था कि 20 अमेरिकी उत्‍पादों पर 100 फीसदी तक ड्यूटी लगाएगा, जिनमें सेब, बादाम और आयात होने वाली मोटरसाइकिलें और अन्‍य उत्‍पाद शामिल हैं। भारत यह जानकारी WTO को भी दे चुका है।

इन 20 वस्तुओं में ताजे सेब, मटर, अखरोट, सोयाबीन तेल, परिष्कृत पामोलिन, कोको पाउडर, चॉकलेट उत्पाद, गोल्फ कार, 800 सीसी से अधिक इंजन क्षमता के साथ मोटर साइकिल और अन्य वाहन शामिल हैं।


 
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