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गुप्ता फैमिली पर साउथ अफ्रीकी सरकार का शिकंजा, स्थायी निवास का अधिकार छीनने की तैयारी

दक्षिण अफ्रीका में कंट्रोवर्सियल इंडियन बिजनेस फैमिली की मुश्किलें बढ़ रही हैं। न्यूज एजेंसी के अनुसार अब साउथ अफ्रीकन गवर्नमेंट ने गुप्ता फैमिली से परमानेंट रेसिडेंसी स्टेटस यानी स्थायी निवास का अधिकार छीनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बता दें कि पिछले महीने बड़ी संख्या में हथियारबंद पुलिसकर्मियों ने गुप्ता फैमिली के घर पर छापेमारी की थी।

moneybhaskar

Mar 11,2018 10:54:00 PM IST

जोहानिसबर्ग। दक्षिण अफ्रीका में कंट्रोवर्सियल इंडियन बिजनेस फैमिली की मुश्किलें बढ़ रही हैं। न्यूज एजेंसी के अनुसार अब साउथ अफ्रीकन गवर्नमेंट ने गुप्ता फैमिली से परमानेंट रेसिडेंसी स्टेटस यानी स्थायी निवास का अधिकार छीनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बता दें कि पिछले महीने बड़ी संख्या में हथियारबंद पुलिसकर्मियों ने गुप्ता फैमिली के घर पर छापेमारी की थी। करप्शन के मामले में साउथ अफ्रीकन पुलिस को अजय गुप्ता की तलाश है।

रेसिडेंसी स्टेटस छीने जाने के बाद क्या होगा
परमानेंट रेसिडेंसी स्टेटस छीने जाने के बाद गुप्ता फैमिली वहां बैंकिंग सुविधाओं और साउथ अफ्रीकन आइडेंडिटी पेपर्स का इस्तेमाल भी नहीं कर पाएंगे। गुप्ता ब्रदर्स में अजय गुप्ता सबसे बड़े हैं। गुप्ता साउथ अफ्रीका के अमीरों में शामिल हैं और माना जाता है कि कभी इनकी सरकार में बड़ी पैठ थी। फिलहाल अब पुलिस इन पर लगे करप्शन के आरोपों की जांच कर रही है। गुप्ता ब्रदर्स पर वहां के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा के साथ मिलकर अनुचित तरीके से लाभ लेने का आरोप है।

कैसे आई मुश्किल में
गुप्‍ता परिवार पर साउथ अफ्रीकी सरकार से नजदीकियों के चलते कई आरोप लग रहे हैं। मार्च 2015 में यह आरोप लगे कि फैमिली के एक सदस्य को 2015 में मिनिस्टर तक की पोस्ट ऑफर हुई थी। इस बारे में इस फैमिली के कई ई-मेल भी लीक हो चुके हैं। मार्च 2016 में आरोप लगे कि साउथ अफ्रीकी प्रेसिडेंट जैकब जुमा की नजदीकियों का फायदा इस परिवार ने अपने बिजनेस को प्रमोट करने के लिए उठाया है। इस परिवार को ऐसी कई सुविधाएं मिलीं जो सिर्फ राजनेताओं को मिलती है। वहीं, इन्हें कई तरह की छूट भी मिली जो दूसरों को नहीं मिलती है।

होम मिनिस्ट्री का आया बयान
साउथ अफ्रीका की होम मिनिस्टर मालुसी गीगाबा ने अजय गुप्ता के रेसिडेंसी स्टेटस वापस लिए जाने की संभावना पर राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा से चर्चा की है। होम मिनिस्ट्री के स्पोकपरसन ने ये जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय के महानिदेशक को इसके लीगल पहलुओं पर विचार करने को कहा है। बता दें कि साउथ अफ्रीका में जांच के अलावा भारत में भी टैक्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने गुप्ता बंधुओं के ठिकानों पर छापेमारी की है। कई बार समन जारी किए जाने के बाद पेश नहीं होने पर पुलिस ने अजय गुप्ता को भगोड़ा घोषित कर दिया था।

आखिर कौन है गुप्‍ता फैमिली
गुप्ता फैमिली मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की रहने वाली है। इन्होंने 1993 में भारत से साउथ अफ्रीका का रुख किया था। बेहद कम समय में फैमिली ने अपना कारोबार ऐसा बढ़ाया कि उस देश में ही इनका सिक्का चलने लगा। गुप्ता फैमिली में 3 भाई हैं, जिनके नाम अजय गुप्ता, अतुल गुप्ता और राजेश गुप्ता उर्फ टोनी है। इनका साउथ अफ्रीका में कंप्यूटर बिजनेस के अलावा माइनिंग अैर मीडिया से जुड़ा बड़ा कारोबार है। सहारा ग्रुप (साउथ अफ्रीका) के नाम से ये फैमिली कारोबार करती है, जिसमें सहारा कंप्यूटर भी शामिल है।

अरबों की मालिक है गुप्ता फैमिली
गुप्ता परिवार अरबों रुपयों की संपत्ति का मालिक है। साल 2016 के जोहान्सबर्ग स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के आधार पर, अतुल गुप्ता दक्षिण अफ्रीका के सातवें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनकी कुल सम्पत्ति 5026 करोड़ रुपए है। यह फैमिली साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में रहती है।

आगे पढ़ें, प्रेसिडेंट जुमा की बेहद करीबी है फैमिली............

प्रेसिडेंट जुमा की बेहद करीबी है फैमिली गुप्ता फैमिली को दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा के काफी करीब माना जाता रहा है। यहां तक कि यह परिवार जुमा फैमिली के सदस्यों को नौकरी भी दे चुका है। जैकब जुमा की वाइफ बॉन्गी जेमा जुमा गुप्ता परिवार के एक फर्म जेआईसी माइनिंग सर्विसेज में कम्युनिकेशन अफसर के रूप में जॉब कर चुकी हैं। वहीं, प्रेसिडेंट की बेटी डुडुजील जुमा भी सहारा कंप्यूटर में डायरेक्टर रह चुकी हैं। यही नहीं, जुमा का बेटा डूडूजेन जुमा भी गुप्ता फैमिली के एक फर्म में डायरेक्टर था, हालांकि पब्लिक प्रेशर के बाद उसे पद छोड़ना पड़ा।
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