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PNB फ्रॉड से बिगड़ा सेंटीमेंट, गोल्डमैन सैक्स ने घटाया भारत की ग्रोथ का अनुमान

इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ने अगले साल के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान घटा दिया है।

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नई दिल्ली। इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ने अगले साल के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान घटा दिया है। गोल्डमैन सैक्स ने फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के लिए भारत का जीडीपी ग्रोथ अनुमान 8 फीसदी से घटाकर 7.6 फीसदी कर दिया है। हालांकि फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के लिए पहले के अनुमान 8.3 फीसदी को बरकरार रखा है। भारत में पीएनबी फ्रॉड का मामला सामने आने के बाद ग्रोथ अनुमान कम करने का फैसला लिया है। 

 

वहीं, इन्वेस्टमेंट बैंक के मुताबिक फाइनेंशियल ईयर 2019 में रिटेल महंगाई दर 5.3 फीसदी रहने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार अपेक्स बैंक आरबीआई तीसरी तिमाही में ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला ले सकता है। अनुमान है कि  आरबीआई इस साल दरों में 0.5 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है।

 

फिच के मुकाबले बेहतर ग्रोथ का अनुमान
गोल्डमैन सैक्स ने ग्रोथ फोरकास्ट तब रिवाइज किया है, जब इसके पहले फिच और वर्ल्ड बैंक ने भी भारत के लिए अपना अनुमान दिया था। हालांकि ग्रोथ अनुमान घटाने के बाद भी गोल्डमैन सैक्स ने फिच और वर्ल्ड बैंक से हॉयर ग्रोथ का अनुमान जताया है। हाल ही में ग्‍लोबल रेटिंग एजेंसी फिच ने अनुमान जताया था कि भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट अगले साल बढ़कर 7.3 फीसदी हो जाएगी। वहीं फाइनेंशियल ईयर 2019-20 में ग्रोथ रेट 7.5 फीसदी होगी। इससे पहले वर्ल्‍ड बैंक ने भी यह अनुमान जताया कि कैलेंडर ईयर 2018 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.3 फीसदी रहेगी और 2019 में बढ़कर 7.5 फीसदी पहुच जाएगी। 

 

कम हुआ नोटबंदी, GST का असर
फिच का कहना है कि हाल में हुए पॉलिसी रिफॉर्म्‍स (नोटबंदी, जीएसटी) का असर ग्रोथ पर हुआ था, जो अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। ऐसे में ग्रोथ अब रफ्तार पकड़ सकती है। वहीं, बैंकिंग सिस्‍टम में मनी सप्‍लाई 2017 मिड में ही नोटबंदी के पहले के स्‍तर पर पहुंच गई और अब यह धीरे-धीरे बढ़ रहा है, जैसा ट्रेंड पहले था। इसी तरह जीएसटी लागू होने के बाद आई दिक्‍कतें धीरे-धीरे खत्‍म हो रही हैं। 

 

मैन्‍युफैक्‍चरिंग, एग्री में अच्‍छी रिकवरी
फिच का कहना है कि भारतीय इकोनॉमी में रिकवरी के संकेत हैं। अक्‍टूबर-दिसंबर में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.2 फीसदी हो गई, जो पांच तिमाही में सबसे ज्‍यादा है। इसमें मैन्‍युफैक्‍चरिंग, कंस्‍ट्रक्‍शन और एग्रीकल्‍चर सेक्‍टर से अच्‍छे संकेत मिलते हैं। यानी इन सेक्‍टर्स में ग्रोथ दर्ज की गई है। एक अप्रैल से 2018-19 के लिए बजट खर्च शुरू होने से फिस्‍कल कंसॉलिडेशन की धीमी रफ्तार कम होगी। इसलिए अगले कुछ महीनों में ग्रोथ को सपोर्ट मिलना चाहिए। 

 

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