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PNB फ्रॉड: नीरव-चौकसी की विदेशी एसेट्स पर नजर, 17 देशों से ED मांगेगी जानकारी

PNB फ्रॉड मामले में अब एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट की नजर अब नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की विदेश स्थित संपत्तियों पर है।

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नई दिल्ली। PNB फ्रॉड मामले में अब एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) की नजर अब नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की विदेश स्थित संपत्तियों पर है। इस मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए जल्द ही जांच एजेंसी ईडी 15 से 17 देशों को जूडिशियल रिक्वेस्ट भेजकर नीरव मोदी और चौकसी के ओवरसीज बिजनेस और वहां की एसेट्स के बारे में जानकारी मांगने जा रही है। 

 

सूत्रों के अनुसार इस मामले में ईडी लेटर रोगेटरी  (LRs) हासिल करने के लिए मुंबई स्थित कॉम्पिटेंट कोर्ट जाएगी। यह लेटर 15 से 17 उन देशों को भेजा जाएगा, जहां जांच एजेंसियों को नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के एसेट्स होने की बात पता चली है। इन देशों में या तो इनका बिजनेस है या किसी के साथ ये एसोसिएट हैं। इन देशों में हॉन्ग कॉन्ग, सिंगापुर, दुबई, यूके, यूएस और साउथ अफ्रीका भी शामिल हैं। 

 

फाइनेंशियल होल्डिंग का पता लगाना है मकसद            

इसके अलावा जांच एजेंसी अपने कुछ अधिकारियो को भी एजेंसी टु एजेंसी एक्सचेंज बेस पर उन देशों में जांच के लिए भेजेगी। ईडी का मकसद है कि वह इस बात का पता लगा सके कि विदेशों में नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की फाइनेंशियल होल्डिंग कितनी है, जिससे फ्रॉड की गई रकम की रिकवरी आसान हो। बता दें कि नीरव मोदी और चौकसी 11400 करोड़ रुपए के पीएनबी फ्रॉड के बाद देश छोड़कर फरार हो चुके हैं।

 

सभी लोन की डिटेल मांगी 
पीएनबी में 11,400 करोड़ फ्रॉड के खुलासे में ईडी ने 16 सरकारी बैंकों से नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को दिए सभी लोन की पूरी डिटेल मांगी है। साथ ही बैंकों को बताना होगा कि हीरा कारोबारी नीरव और गीतांजलि जेम्स ने लोन के लिए कितनी जमानत ऑफर की है। वहीं, सीबीआई ने रविवार को पंजाब नेशनल बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केवी ब्रह्मजी राव से दूसरे दिन भी पूछताछ की। वह बैंक में मुंबई जोन के प्रभारी हैं। जांच एजेंसी ने साफ किया है कि ब्रह्मजी फ्रॉड केस में आरोपी नहीं हैं। उनसे घोटाले के बारे में जानने की कोशिश की जा रही है।

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