Home » Economy » InternationalIndia-China bilateral trade hits historic high in 2017

भारत-चीन का कारोबार सालभर में रिकॉर्ड 19% बढ़ा, डोकलाम और अन्य विवादों का असर नहीं

पहली बार भारत और चीन के बीच 5.5 लाख करोड़ रुपए (84.44 बिलियन डॉलर) का कारोबार हुआ है।

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नई दिल्ली.  भारत और चीन के बीच बीते एक साल में कारोबार करीब 19% बढ़कर 5.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। बाइलैटरल ट्रेड के आंकड़ों के मुताबिक, 2017 में भारत से चीने में एक्सपोर्ट 39% बढ़ा, जो अब 1 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है। वहीं, इस दौरान भारत के इंपोर्ट भी 14.5% की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। खास बात ये है कि दोनों देशों के बीच डोकलाम विवाद, चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर और एनएसजी जैसे मतभेदों का असर ट्रेड पर नहीं पड़ा।

 

पहली बार इतनी ऊंचाई पर पहुंचा कारोबार

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, चाइनीज जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम के आंकड़ों की मानें तो पिछले साल भारत और चीन के बीच कारोबार कारोबार में रिकॉर्ड तेजी आई। इसमें करीब 19% की ग्रोथ दर्ज की गई। पहली बार दोनों देशों के बीच 5.5 लाख करोड़ रुपए (84.44 बिलियन डॉलर) का कारोबार हुआ है। 2016 में ये 4.62 लाख करोड़ रुपए (71.18 बिलियन डॉलर) था।

 

भारत के एक्सपोर्ट और इंपोर्ट बढ़ोत्तरी

- 2017 में भारत से चीने में एक्सपोर्ट 39 फीसदी बढ़कर 1 लाख करोड़ से ज्यादा (16.34 बिलियन डॉलर) पहुंच गया। वहीं, इस दौरान भारत में पोर्ट भी 14.5% बढ़कर 4.4 लाख करोड़ से ज्यादा (68.10 बिलियन डॉलर) हो गया।

 

ट्रेड डेफिसिट 3.36 लाख करोड़ से ज्यादा  

- ट्रेड रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद भी भारत का ट्रेड डेफिसिट (कारोबारी घाटा) ऊंचाई पर बना हुआ है। पिछले साल यह 8.5 फीसदी बढ़कर 3.36 लाख करोड़ (51.75 बिलियन डॉलर) से ज्यादा हो गया। इसे कम करने के लिए भारत लगातार चीन पर दबाव बना रहा है कि फार्मा और आईटी सेक्टर को भी इंडियन फर्म्स के लिए खोल दिया जाए।

 

चीन को एक्सपोर्ट करने वाला 24वां बड़ा देश

- कारोबारी आंकड़ों के मुताबिक, एक्सपोर्ट के हिसाब से भारत दुनिया का 24वां बड़ा देश है, जो चीन को अपने प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करता है। वहीं, चीन के लिए भारत 7वां सबसे बड़ा एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन बन चुका है। यानी भारत को सामान बेचने के मामले में चीन काफी आगे है।

 

भारत-चीन के बीच इन मुद्दों पर रहा तनाव 

- बता दें कि दोनों देशों के बीच पिछले साल में कई मसलों को लेकर तनाव बना रहा। इसमें डोकलाम विवाद, चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर, एनएसजी में एंट्री को लेकर चीन का अड़ंगा लगाना, आतंकी मुद्दों पर पाकिस्तान के साथ खड़ा होना शामिल हैं। 

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