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FY19 में 7.4% रहेगी भारत की ग्रोथ, लेकिन पॉलिसी की क्रेडिबिलिटी मजबूत बनाने की जरूरतः IMF

इंटरनेशन मॉनिटरी फंड (आईएमएफ) ने भारत के ग्रोथ अनुमान को बरकरार रखा है।

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नई दिल्ली. इंटरनेशन मॉनिटरी फंड (आईएमएफ) ने भारत के ग्रोथ अनुमान को बरकरार रखा है। हालांकि आईएमएफ ने भारत को उसकी फिस्कल पॉलिसी की विश्वसनीयता को लेकर आगाह भी किया और कहा कि इसे मजबूत बनाए जाने की जरूरत है। 
आईएमएफ ने अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के एक अपडेट में कहा, ‘भारत का भारी सरकारी कर्ज और हाल में बजट के डेफिसिट टारगेट को हासिल करने में नाकाम रहने से फिस्कल पॉलिसी क्रेडिबिलिटी को मजबूत बनाने के लिए मीडियम टर्म में फिस्कल कंसॉलिडेशन की मजबूत बनाए जाने की जरूरत के संकेत मिलते हैं।’


फिस्कल डेफिसिट ने दिया झटका
आईएमएफ ने भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 7.4 फीसदी और 2019-20 के लिए 7.8 फीसदी के स्तर पर बरकरार रखा है।
आईएमएफ ने भारत के लिए फिस्कल पॉलिसी की विश्वसनीयता को मजबूत बनाने पर जोर ऐसे वक्त में दिया है, जब देश अपने 2017-18 के दौरान जीडीपी की तुलना में 3.2 फीसदी फिस्कल डेफिसिट के टारगेट से 30 बेसिस प्वाइंट्स से चूक गया।

 

मजबूत है मीडियम टर्म ग्रोथ आउटलुक 
फिस्कल डेफिसिट टारगेट से चूकने के अलावा सरकार ने चार साल में तीसरी बार फिस्कल कंसॉलिडेशन के रोडमैप में बदलाव किया है और अब उसका उद्देश्य 2020-21 में फिस्कल डेफिसिटी घटाकर जीडीपी की तुलना में 3 फीसदी पर सीमित करना है।
आईएमएफ ने जहां भारत के फिस्कल कंसॉलिडेशन पर जोर दिया, वहीं मीडियम टर्म ग्रोथ आउटलुक पर भरोसा जताया। आईएमएफ ने इसे खासा मजबूत करार दिया।

 

स्ट्रक्चरल रिफॉर्म पर हुआ खासा काम
आईएमएफ ने कहा कि भारत ने हाल के दौर में स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स पर खासा काम किया है। आईएमएफ ने कहा, ‘मीडियम टर्म में ग्रोथ स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स लागू होने के बाद धीरे-धीरे बढ़ने का अनुमान है, जिससे प्रोडक्टिविटी और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा मिलने का अनुमान है।’

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