Home » Economy » InternationalIMF - International Monetary Policy Declines India's Growth Projection to 7.3 Percent in 2018

IMF ने 2018 के लिए घटाकर 7.3% किया भारत का ग्रोथ अनुमान, महंगे तेल का लगेगा झटका

IMF ने भारत के ग्रोथ अनुमान को 2018 के लिए 0.1 फीसदी घटाकर 7.3 फीसदी, 2019 के लिए 0.3 फीसदी घटाकर 7.5 फीसदी कर दिया है।

IMF - International Monetary Policy Declines India's Growth Projection to 7.3 Percent in 2018

 

वाशिंगटन. इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) ने भारत को झटका दिया है। आईएमएफ ने भारत के ग्रोथ अनुमान को वर्ष 2018 के लिए 0.1 फीसदी घटाकर 7.3 फीसदी और 2019 के लिए 0.3 फीसदी घटाकर 7.5 फीसदी कर दिया है। अनुमान में यह कमी अप्रैल में दिए गए प्रोजक्शन की तुलना में की गई है।

 

 

2019 के लिए भी घटाया ग्रोथ अनुमान

आईएमएफ के हालिया वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (WEO) अपडेट में कहा गया, ‘भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ 2017 के 6.7 फीसदी से बढ़कर 2018 में 7.3 फीसदी और 2019 में 7.5 फीसदी होने का अनुमान है। साफ है कि इकोनॉमी करंसी एक्सचेंज इनीशिएटिव (डिमॉनिटाइजेशन) और गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) की छाया से बाहर निकल रही है।’

 

 

तेल की ऊंची कीमतों का लगेगा झटका

आईएमएफ ने कहा, ‘अप्रैल के डब्ल्यूईओ की तुलना में यह प्रोजेक्शन 2018 और 2019 में क्रमशः 0.1 और 0.3 फीसदी कम है। इससे डॉमेस्टिक डिमांड में तेल की ऊंची कीमतों का निगेटिव असर जाहिर होता है और यह महंगाई में बढ़ोत्तरी के अनुमान को देखते हुए मॉनिटरी पॉलिसी में अनुमानित सख्ती से कहीं ज्यादा है।’

 

 

लेकिन चीन से आगे रहेगी भारत की ग्रोथ

आईएमएफ द्वारा अनुमान में कमी के बावजूद भारत की यह ग्रोथ चीन की तुलना में ज्यादा रहने का अनुमान है। रिपोर्ट कहती है, ‘चीन की ग्रोथ 2017 की 6.9 फीसदी से घटकर 2018 में 6.6 फीसदी और 2019 में 6.4 फीसदी रहने का अनुमान है। इसकी वजह फाइनेंशियल सेक्टर में रेग्युलेटरी सख्ती को टालना और बाहरी डिमांड में नरमी है।’

 

 

ग्लोबल ग्रोथ को लेकर बढ़ा रिस्क

आईएमएफ ने कहा कि 2018 और 2019 में ग्लोबल ग्रोथ 3.9 फीसदी रहने का अनुमान है, जो अप्रैल के अपडे के समान ही है। हालांकि एक्सपैंशन कम हो रहा है और आउटलुक के प्रति रिस्क बढ़ता जा रहा है। अमेरिका में निकट भविष्य में मजबूती देखने को मिल रही है और हाल के कुछ हफ्तों में डॉलर लगभग 5 फीसदी मजबूत हो चुका है।

आईएमएफ ने कहा कि कई देशों में ग्रोथ की संभावनाएं औसत से कम बनी हुई हैं और सरकारों से इकोनॉमिक ग्रोथ सुनिश्चित करने के वास्ते कदम उठाने के लिए कहा गया है।

 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट