नाजियों से जान बचाकर भागा था यह अरबपति, अब जिनपिंग को बताया ‘दुश्मन नंबर 1’

अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोज (George Soros) ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) को ओपन सोसायटीज के लिए ‘सबसे खतरनाक दुश्मन’ करार दिया है। उन्होंने डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) की अगुआई वाली अमेरिका सरकार से अनुरोध किया कि ट्रेड वार से पूरी दुनिया को हिलाने के बजाय उन्हें  चीन की कम्युनिस्ट सरकार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

moneybhaskar

Jan 25,2019 08:53:00 PM IST


दावोस. अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोज (George Soros) ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) को ओपन सोसायटीज के लिए ‘सबसे खतरनाक दुश्मन’ करार दिया है। उन्होंने डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) की अगुआई वाली अमेरिका सरकार से अनुरोध किया कि ट्रेड वार से पूरी दुनिया को हिलाने के बजाय उन्हें चीन की कम्युनिस्ट सरकार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

टेक कंपनियों पर कार्रवाई करे अमेरिका

दुनिया के बड़े इन्वेस्टर्स में शुमार और 7 अरब डॉलर (49 हजार करोड़ रुपए) के मालिक जॉर्ज सोरोस ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (World Economic Forum) के दौरान चीन और उसके राष्ट्रपति जिनपिंग (Xi Jinping) पर तगड़ा हमला किया। उन्होंने ट्रम्प सरकार से चीन की टेक कंपनियों पर कार्रवाई करने की भी सिफारिश की।

चीन सरकार की टेक्नोलॉजी बड़ा खतरा

WEF के दौरान उन्होंने कहा कि ऐसे दौर में आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (artificial intelligence) और मशीन लर्निंग बड़ी चुनौती बन गई हैं, जब वे संबंधित सरकारों के कंट्रोल में हैं। उन्होंने संकेत किया कि चीनी सरकार द्वारा इस्तेमाल की जा रहीं टेक्नोलॉजीस ‘बड़ा खतरा’ है।
सोरोस ने चेतावनी दी कि चीन की सरकार ‘सोशल क्रेडिट’ सिस्टम विकसित कर रही है, जो दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले देश के लोगों की निगरानी करेगा। उन्होंने अमेरिका से इस चुनौती का सामना करने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
गौरतलब है कि सोरोस वहीं शख्स हैं, जो बचपन में जर्मनी के नाजियों से जान बचाकर भागा था।

पिता ने बचाई थी जान जॉर्ज सोरोस तब 13 साल के थे जब नाजी जर्मनी ने हंगरी पर सैन्य नियंत्रण कर लिया था। अपने बेटे को नाजियों की पकड़ से बचाने के लिए सोरोस के पिता ने कृषि मंत्रालय के एक कर्मचारी को रिश्वत दी। 1945-1946 में हंगेरियाई बेलगाम मुद्रास्फीति के दौरान सोरोस ने पहले मुद्रा और गहनों का कारोबार किया। 1947 में सोरोस इंग्लैंड चले गये और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से ग्रैजुएशन किया। ग्रैजुएशन करने के बाद सोरोस की जिंदगी में ज्यादा तबदीली नहीं और वो सोवनिर शॉप पर काम करते रहे। इसके बाद उनकी जिंदगी बदली और सोरोस फंड मैनेजमेंट एलएलसी की स्थापना की और अब वो दुनिया के सबसे सफल इन्वेस्टर हैं।कैसे खड़ा किया बिजनेस एम्पायर जॉर्ज सोरोस इसके बाद न्यूयॉर्क चले गए। वहां उन्होंने वॉल स्ट्रीट में काम किया और 1969 में 81.82 करोड़ रुपए से हेज फंड की स्थापना की। बाद में इसका नाम बदलकर क्वांटम फंड कर दिया। 2007 में क्वांटम फंड से लगभग 32% रिटर्न मिला, जिससे उन्होंने कुल 19767 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया।
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