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अटक सकता है Essar Steel को खरीदने का ArcelorMittal का प्लान, गेल की NCLT में अपील

ब्रिटेन बेस्ड स्टील टायकून लक्ष्मी निवास मित्तल का ख्वाब भारत में एक बार फिर अटक सकता है।

GAIL, GETCO move NCLT seeking rejection of ArcelorMittal bid for Essar Steel

अहमदाबाद. ब्रिटेन बेस्ड स्टील टायकून लक्ष्मी निवास मित्तल का ख्वाब भारत में एक बार फिर अटक सकता है। भारत सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी गेल (इंडिया) और गुजरात एनर्जी ट्रांसमिशन कॉर्प (जीईटीसीओ) ने एस्सार स्टील के लिए भारतीय मूल के कारोबारी की कंपनी आर्सेलरमित्तल के 42,000 करोड़ रुपए के टेकओवर प्लान को खारिज करने की मांग की है। गेल और जीईटीसीओ ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में एक अपील दायर करके इस प्रपोजल से ऑपरेशनल क्रेडिटर्स को पूरी तरह अलग किए जाने का आरोप लगाया।

 

आर्सेलरमित्तल का यह है प्लान

बीते महीने एस्सार स्टील के लेंडर्स की कमेटी ने कर्ज में डूबी कंपनी को खरीदने के लिए आर्सेलरमित्तल के 42,000 करोड़ रुपए के प्रपोजल को स्वीकार किया था। इसमें फाइनेंशियल क्रेडिटर्स को 49,395 करोड़ रुपए के बकाये में से 41,987 करोड़ रुपए दिए जाने थे। इस प्लान के तहत ऑपरेशनल क्रेडिटर्स को 214 करोड़ रुपए दिए जाने हैं, जबकि उनका बकाया, 4,976 करोड़ रुपए है।

 

गेल और जीईटीसीओ ने एनसीएलटी में दायर की याचिका

आर्सेलरमित्तल के रिजॉल्युशन प्लान से नाराज गेल और जीईटीसीओ ने एनसीएलटी की अहमदाबाद बेंच में एक अलग इंटरलोक्युटरी एप्लीकेशन फाइल की है, जिसमें एस्सार स्टील इंडिया पर अपने 1800 करोड़ रुपए के बकाये का दावा किया गया है जिसे अभी तक नहीं चुकाया गया है।

 

गेल का यह था दावा

गेल ने नवंबर, 2016 की अपनी एप्लीकेशन में कहा कि उसने गैस नहीं खरीदने के लिए एवज में 907.20 करोड़ रुपए का दावा किया है। इसके लिए एस्सार स्टील ने एग्रीमेंट किया था। इनमें से 125 करोड़ रुपए कंपनी के क्रेडिटर्स की लिस्ट में शामिल कर लिए गए हैं।

कंपनी ने कहा, ‘यह रिजॉल्युशन प्लान इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी), 2016 के सेक्शन 30 (2) का उल्लंघन है। यह रिजॉल्युशन प्लान न तो लीगल है, न ही सभी क्रेडिटर्स के हित में है।’

गेल ने इस रिजॉल्युशन प्लान को ‘ऑपरेशनल क्रेडिटर्स के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम’ करार दिया और आर्सेलरमित्तल के प्रस्ताव को खारिज करने की मांग की।


 
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