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ग्लोबल ट्रेड वार पर राजन ने किया आगाह, काबू से बाहर हो सकते हैं हालात

रघुराम राजन ने अमेरिका और उसके अन्य इकोनॉमिक पार्टनर्स के बीच चल रही ट्रेड वार को लेकर आगाह किया है।

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सिंगापुर. रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने अमेरिका और उसके अन्य इकोनॉमिक पार्टनर्स के बीच चल रही ट्रेड वार को लेकर आगाह किया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही हालात काबू से बाहर हो सकते हैं और इससे निश्चित रूप से ग्लोबल ग्रोथ को झटका लगेगा। शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में फाइनेंस के प्रोफेसर राजन नॉमुरा इन्वेस्टमेंट फोरम में बोल रहे थे।

 

 

काबू से बाहर हो सकते हैं हालात

सीएनबीसी से बातचीत में राजन ने कहा, ‘अहम सवाल यह है कि क्या इस तरह की बारगेनिंग, टैरिफ लगाने की धमकियों आदि से वास्तव में बातचीत होती है या इससे सभी को फायदा होता है। या एंटिटीज, कंपनियां अपने रुख पर अड़े रहते हैं जिसका मतलब है कि उनको अपने जोखिमों को कम करना होता है? ऐसे मामलों में हर किसी को नुकसान होता है।’ राजन ने कहा, ‘इनमें से कुछ मामलों में हालात जल्द ही काबू से बाहर हो सकते हैं।’

 

 

ऐसे मामलों को हल्के में नहीं ले सकते इन्वेस्टर

नॉमुरा की फोरम में अपनी स्पीच में राजन ने आगाह किया कि इन्वेस्टर्स ऐसी ‘संवेदनशील बातचीत’ को हल्के में नहीं ले सकते हैं, जो अमेरिका और उसके ट्रेडिंग पार्टनर्स के बीच होगी। उन्होंने कहा कि इस दौर में जब ‘कई देशों की अगुआई कई मजबूत लीडर्स कर रहे हैं’, ऐसे में उनके लिए अपने रुख से पलटना खासा मुश्किल होगा।

 

 

अमेरिका ने लिए थे कई एक्शन

गौरतलब है कि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प की अगुआई वाली अमेरिकी सरकार ने अपनी चेतावनियों पर अमल करते हुए कनाडा, मेक्सिको और यूरोप से होने वाले एल्युमीनियम और स्टील इंपोर्ट पर टैरिफ लगा दिया था। इन तीनों देशों ने पलटवार किया और वे अमेरिका के फैसलों को वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन में चुनौती दे रहे हैं।

 

 

लटकती दिख रही अमेरिका-चीन की बातचीत

दुनिया की दो बड़ी इकोनॉमीज अमेरिका और चीन के बीच बातचीत अधर में लटकती दिख रही है। अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी विलबर रोस बिना किसी समझौते के चीन से वापस लौट चुके हैं, जिससे दोनों देशों के बीच ट्रेड बैलेंस की संभावनाएं कमजोर होती दिख रही हैं।

  

 

ग्लोबल ग्रोथ को लग सकता है झटका  

राजन ने कहा कि अगर ऐसी ट्रेड टेंशंस लंबी खिंचती हैं और अगले कुछ महीनों तक हालात ऐसे ही रहते हैं तो मौजूद ग्लोबल ग्रोथ को झटका लग सकता है। उन्होंने कहा, ‘इससे निश्चित तौर पर ग्लोबल इकोनॉमी को झटका लगेगा।’
 

उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि फिलहाल अमेरिकी सरकार ग्लोबल सिस्टम के रूल्स बेस्ड होने की बात को खारिज कर रहा है और उस दिशा में बढ़ रहा है, जहां कोई सोचता है कि अपनी ताकत के दम पर दूसरों के साथ बेहतर डील्स डील्स हासिल की जा सकती हैं।’

 
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