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दुनिया में सबसे तेज विकसित होगा भारत, 5 साल तक रहेगी औसत 6.7% ग्रोथ: Fitch

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच ने कहा कि भारत में अगले 5 साल तक औसतन सालाना 6.7 फीसदी की दर से ग्रोथ करने की संभावना है।

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मुंबई. ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच ने कहा कि भारत में अगले 5 साल तक औसतन सालाना 6.7 फीसदी की दर से ग्रोथ करने की संभावना है और यह बड़ी इकोनॉमीज में सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ने वाला बना रहेगा। भले ही यह ग्रोथ क्षमताओं और सरकार के लक्ष्य से कम है, लेकिन चीन और इंडोनेशिया की अनुमानित 5.5 फीसदी ग्रोथ से यह ज्यादा है। दोनों ही देश ग्रोथ के मामले में दूसरे नंबर की दौड़ में हैं।

 

 

दुनिया का सबसे युवा देश होने का मिलेगा फायदा

गुरुवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया कि वर्किंग एज ग्रुप के सबसे ज्यादा लोगों के साथ दुनिया का सबसे युवा देश होने जैसे फैक्टर भारत के पक्ष में हैं और इन्वेस्टमेंट रेट्स से भी भारत को मदद मिल रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा युवा आबादी के साथ अगले 5 साल के दौरान भारत की ग्रोथ सबसे ज्यादा बनी रहेगी। वहीं इस ट्रेंड का इंडोनेशिया, मेक्सिको, तुर्की और ब्राजील को भी फायदा मिलेगा।

 

 

सितंबर क्वार्टर में 6.3 फीसदी रही थी ग्रोथ

सितंबर क्वार्टर में जीडीपी ग्रोथ सुधरकर 6.3 फीसदी के स्तर पर आ गई, जबकि इससे पिछले यानी जून क्वार्टर के दौरान 5.7 फीसदी ग्रोथ रही थी जो 6 क्वार्टर का निचला स्तर था। आरबीआई ने भी पूरे वित्त वर्ष के लिए 6.7 फीसदी ग्रोथ का अनुमान दिया था, लेकिन तीसरे और चौथे क्वार्टर के लिए क्रमशः 7 फीसदी और 7.5 फीसदी अनुमान दिया था।

 

घट सकती है जीडीपी ग्रोथ

सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (सीएसओ) शुक्रवार को नेशनल इनकम यानी जीडीपी का एडवांस एस्टीमेट जारी करने जा रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत की जीडीपी ग्रोथ को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) और नोटबंदी का तगड़ा झटका लग सकता है। उन्होंने कहा कि इनके चलते वित्त वर्ष 2017-18 में जीडीपी ग्रोथ 7 फीसदी से नीचे रह सकती है। भारतीय इकोनॉमी की ग्रोथ 2016-17 में 7.1 फीसदी रही थी, जबकि 2015-16 में यह आंकड़ा 8 फीसदी रहा था।

 

 

 

वित्त वर्ष 18 में 7 फीसदी से ज्यादा ग्रोथ मुश्किल

एसबीआई रिसर्च के चीफ इकोनॉमिस्ट्स सौम्य कांति घोष ने कहा, 'जीडीपी के इस वित्त वर्ष में 7 फीसदी का आंकड़ा पार करना खासा मुश्किल है। हालांकि तीसरे और चौथे क्वार्टर में इकोनॉमी कुछ बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।' घोष ने कहा कि बीते साल के अपरिवर्तित बेस ईयर पर जीडीपी ग्रोथ 6.5 फीसदी रहेगी।

 

इस संबंध में घोष ने कहा कि यदि बीते साल के एक्सपैंशन को नीचे की तरफ रिवाइज किया जाता है तो ग्रोथ बढ़ सकती है, क्योंकि बीते साल के लोअर बेस पर 2017-18 में ग्रोथ ऊंची रहेगी।

योजना आयोग के पूर्व डिप्टी चेयरमैन मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कुछ ऐसी ही राय देते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ लगभग 6.2 फीसदी से 6.3 फीसदी के बीच रहेगी। 

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