Home » Economy » InternationalOil prices surged more than two per cent in Asia after USA out of the Iran nuclear deal

ईरान के साथ परमाणु डील टूटने से क्रूड में 2% की तेजी, 80 डॉलर तक जा सकते हैं दाम

डोनाल्‍ड ट्रंप के ईरान के साथ परमाणु समझौता तोड़ने के चलते आज एशिया में कच्‍चे तेल के दाम 2 फीसदी तक चढ़ गए।

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हांगकांग. अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के ईरान के साथ परमाणु समझौता तोड़ने के चलते बुधवार को एशिया में कच्‍चे तेल के दाम 2 फीसदी तक चढ़ गए। इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड के भाव 77 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए। समझौता टूटने से ऑयल सप्‍लाई पर असर पड़ने की अाशंका है। इस डील के टूटने की आशंका से कच्‍चा तेल पहले ही करीब साढ़े 3 साल के हाई पर पहुंच चुका है। 

 

2015 में हुआ था परमाणु समझौता 
ईरान के साथ परमाणु डील 2015 में हुई थी, जिसमें अमेरिका समेत ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी, रूस और ईरान शामिल थे। ईरान पर दोबारा प्रतिबंध से क्रूड में जोरदार तेजी देखने को मिली। बुधवार को यूएस डब्ल्यूटीआई क्रूड 2.29 फीसदी बढ़कर 70.64 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इससे पहले सोमवार को डब्ल्यूटीआई क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के पार हुआ था, जो नवंबर 2014 के बाद का उच्चतम स्तर था। वहीं ब्रेंट क्रूड 2.46 फीसदी की उछाल के साथ 76.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।

 

80 डॉलर तक जा सकते हैं दाम

जानकारों ने आशंका व्‍यक्‍त की है कि क्रूड के दाम में और तेजी आ सकती है और यह एशियाई बाजार में 80 डॉलर तक जा सकता है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि ऑयर रिच वेनेजुएला में तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता है और ओपेक और रूस से आपूर्ति बढ़ने की उम्‍मीद नहीं है। वहीं, अमेरिकी में भी डाटा के अनुसार तेल का स्‍टॉक कम हुआ है। यह सभी फैक्‍टर क्रूड के दाम बढ़ाने का कारण हो सकते हैं। ओपेडा में एशिया-प्रशांत व्यापार के प्रमुख स्टीफन इन्स के अनुसार अमेरिका का फैक्‍टर फिलहाल क्रूड के दाम में शामिल है। लेकिन इनके अनुसार इसके अलावा भी कई कारण हैं जिससे क्रूड में तेजी बनी रह सकती है। 

 

 

ट्रंप ने कहा सही नहीं था समझौता

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने इस समझौते से बाहर निकलने का कारण बताते हुए कहा कि यह ईरान से हुआ यह परमाणु समझौता सही नहीं था, इसमें कई कमियां थीं। वहीं ईरान के राष्‍टपति हसन रूहानी ने कहा है कि वह इस यूरेनियम सवंर्धन शुरू करेगा, लेकिन इस समझौते में शामिल अन्‍य देशों से इस संबंध में बात करेगा।

 

दुनिया के शेयर बाजारों पर भी असर पड़ा

कच्‍चे तेल के दाम बढ़ाने से दुनियाभर के शेयर बाजारों पर भी इसका असर पड़ा। शंघाई स्‍टॉक एक्‍सचेंज 0.1 फीसदी गिरे, वहीं सियोल 0.2 फीसदी, सिडनी स्‍टॉक एक्‍सचेंज में भी गिरावट देखी गई। इसके अलावा एशिया के भी कई स्‍टॉक मार्केट गिरावट के साथ बंद हुए।

 

डॉलर में यूरो के मुकाबले गिरावट

वहीं डॉलर में यूरो और पॉउंड के मुकाबले गिरावट देखने को मिली। लेकिन बाकी करेंसी के मुकाबले डॉलर मजबूत रहा। अमेरिकी सेंट्रल बैंक के गर्वनर जेरोमी पॉवेल ने संकेत दिया है कि वह ब्‍याज दरें बढ़ा सकते हैं। इसके चलते डॉलर पहले ही मजबूत हो चुका था।

 

 

 

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