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चीन ने 17 साल में पहली बार दर्ज किया करंट अकाउंट डेफिसिट, ट्रेड सरप्लस को झटका

मार्च, 2018 में समाप्त क्वार्टर के दौरान चीन का करंट अकाउंट डेफिसिट (सीएडी) लगभग 17 साल के हाई पर पहुंच गया।

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बीजिंग. मार्च, 2018 में समाप्त क्वार्टर के दौरान चीन ने लगभग 17 साल बाद करंट अकाउंट डेफिसिट (सीएडी) दर्ज किया। इसके साथ ही चीन के दुनिया के सबसे बड़े एक्सपोर्टर के तौर पर ट्रेड सरप्लस वाली स्थिति में कमी के संकेत मिलने लगे हैं। चीन के पास फिलहाल दुनिया का सबसे ज्यादा 3.14 लाख करोड़ डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। 

 

 

चीन का करंट अकाउंट डेफिसिट 28.2 अरब डॉलर
शुक्रवार को स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ फॉरेन एक्सचेंज (एसएएफई) द्वारा जारी डाटा के मुताबिक मार्च क्वार्टर के दौरान चीन का करंट अकाउंट डेफिसिट 28.2 अरब डॉलर दर्ज किया गया। इससे पहले चीन ने 2001 के दूसरे क्वार्टर में सीएडी दर्ज किया था।  

चीन की काईशिन मैगजीन के मुताबिक, देश का सरप्लस 43.4 अरब डॉलर रहा, लेकिन सालाना आधार पर इसमें 35 फीसदी की कमी दर्ज की गई। वहीं सर्विस ट्रेड में 76.2 अरब डॉलर का डेफिसिट दर्ज किया गया जो 1998 के बाद सबसे ज्यादा क्वार्टरली डेफिसिट रहा। 

 

 

चीन की फंडामेंटल स्थिति में बदलाव के संकेत
एसएएफई ने इससे जुड़ी चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि करंट अकाउंट डेफिसिट में बढ़ोत्तरी की वजह ‘सीजनल फैक्टर्स’ रहे हैं। हालांकि इकोनॉमिस्ट्स ने कहा कि ये इंटरनेशनल पेमेंट सिस्टम में चीन की फंडामेंटल स्थिति में बदलाव के संकेत हो सकते हैं, जो बीते दशक के दौरान ग्लोबल इकोनॉमिक रिबैलेंस के परिणामस्वरूप हुआ है। 

 

 

25 साल से सरप्लस है करंट अकाउंट
हॉन्गकॉन्ग में स्टैंडर्ड चार्टर्ड के चीफ चाइना इकोनॉमिस्ट डिंग शुआंग ने अपने नोट में लिखा कि बीते 25 साल के दौरान सालाना आधार पर चीन का करंट अकाउंट सरप्लस रहा है और ‘लोग चीन को सरप्लस स्थिति में मानकर ही चलते हैं।’ डिंग ने कहा कि अब 25 साल से चले आ रहे हालात बदलते दिख रहे हैं। 
हॉन्गकॉन्ग बेस्ड साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने उनके हवाले से लिखा, ‘ट्रेड को लेकर बढ़ती टेंशन के बीच इस हल्के से झटके से चीन का करंट अकाउंट डेफिसिट में तब्दील हो सकता है।’

 

 

सबसे खराब दौर आना बाकी है
चीन के लिए करंट अकाउंट में कमी अपने सबसे खराब दौर में नहीं पहुंची है, क्योंकि उसकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प की बाईलेटरल ट्रेड डेफिसिट में कमी लाने की डिमांड को पूरा करने के लिए अमेरिका के साथ अहम बातचीत चल रही है। दरअसल ट्रम्प ने चीन से अमेरिका का बाईलेटरल ट्रेड डेफिसिट 375 अरब डॉलर में तुरंत 100 अरब डॉलर और 2020 तक 200 अरब डॉलर की कमी लाने की मांग की है। 

 

 

अमेरिका और चीन के बीच मतभेद कायम
ट्रेजरी सेक्रेटरी स्टीवन मुन्शिन की अगुआई में अमेरिकी डेलिगेशन और चीन के वाइस प्रीमियर लियु हे के बीच दो दिवसीय बातचीत शुक्रवार को खत्म हुई। ऐसी खबर है कि दोनों डेलिगेशन के बीच कुछ एग्रीमेंट्स पर सहमति बन गई है, लेकिन मतभेद अभी भी कायम हैं। 

 

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