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भारत के शुगर एक्सपोर्ट सब्सिडी देने का विरोध करेंगे ऑस्ट्रेलिया-ब्राजील, WTO में जाने की तैयारी

भारत सरकार भले ही अभी चीनी पर एक्सपोर्ट सब्सिडी देने की तैयारी में है, लेकिन उससे पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल दिखने लगी है। ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया के शुगर इंडस्ट्री ग्रुप्स ने भारत सरकार के ऐसे किसी संभावित फैसले के खिलाफ वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) में शिकायत करने की दिशा में मिलकर काम करना शुरू कर दिया है। रॉयटर्स ने ब्राजील के एक शीर्ष अधिकारी के हवाले से इससे संबंधित रिपोर्ट पब्लिश की है।

moneybhaskar

Sep 13,2018 04:07:00 PM IST

साओ पाउलो. भारत सरकार भले ही अभी चीनी पर एक्सपोर्ट सब्सिडी देने की तैयारी में है, लेकिन उससे पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल दिखने लगी है। ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया के शुगर इंडस्ट्री ग्रुप्स ने भारत सरकार के ऐसे किसी संभावित फैसले के खिलाफ वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) में शिकायत करने की दिशा में मिलकर काम करना शुरू कर दिया है। रॉयटर्स ने ब्राजील के एक शीर्ष अधिकारी के हवाले से इससे संबंधित रिपोर्ट पब्लिश की है।

चीनी के ग्लोबल प्राइस के लिए खतरा बन सकता है भारत

ब्राजील के केन इंडस्ट्री ग्रुप यूनिका के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एडुआर्डो लिओ ने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत द्वारा दी जाने वाली किसी भी तरह की सब्सिडी ग्लोबल मार्केट में चीनी की कीमतों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। गौरतलब है कि इस साल भारत दुनिया का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश बन सकता है।

लिओ ने कहा कि अगर भारत द्वारा शुगर प्रोड्यूसर्स को किसी तरह की सब्सिडी देने की स्थिति में दोनों देशों के बीच इस मामले को WTO में ले जाने पर सहमति बन चुकी है।

भारत में गन्ने की रिकॉर्ड पैदावार की उम्मीद

एनालिस्ट और शुगर ट्रेडर्स का अनुमान है कि भारत द्वारा उठाए जाने वाले ऐसे किसी कदम का उद्देश्य सरप्लस चीनी को ग्लोबल मार्केट में उतारना होगा, जो इसलिए और भी जरूरी हो गया है क्योंकि भारत में इस साल रिकॉर्ड फसल होने की उम्मीद है।

एक्सपोर्ट सब्सिडी स्वीकार्य नहींः ब्राजील इंडस्ट्री

लिओ ने कहा, ‘हमने कमेंट सुने हैं कि भारत एक्सपोर्ट सब्सिडी का ऐलान कर सकता है। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता और हम ब्राजील सरकार से इसके खिलाफ एक्शन लेने की मांग करेंगे।’

न्यूयॉर्क में रॉ शुगर की कीमतें 22 अगस्त को 10 साल के रिकॉर्ड लो पर पहुंच गई थीं और हाल के दिनों में कीमतों में कुछ सुधार दर्ज किया गया है। साथ ही फंड की कमी से कीमतों पर अभी भी दबाव बना हुआ है। भारत की ट्रेड इंडस्ट्री से फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं मिल सकी है।

भारत के चीनी निर्यात से नहीं होता नियमों का उल्लंघन

भारतीय अधिकारियों ने हाल में कहा था कि भारत के चीनी निर्यात से WTO के नियमों का उल्लंघन नहीं होता है, क्योंकि भारत विदेश में बिक्री पर कोई सब्सिडी नहीं देता है। इसके बजाय भारत अपने किसानों को प्रोडक्शन सब्सिडी देता है।

यूनिका के डायरेक्टर ने कहा कि उनकी ऑस्ट्रेलिया की शुगर इंडस्ट्री के रिप्रिजेंटेटिव्स से भी बात चल रही है। जरूरत पड़ती है तो डब्ल्यूटीओ में संयुक्त रणनीति पर काम किया जाएगा।

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