इन 5 कंपनियों के दम पर सुपरपावर है अमेरिका, दुनिया को दिखाता है आंखें

American arms industry: अमेरिका के पास सबसे मजबूत आर्मी है, जो कुछ ही समय में दुनिया के किसी भी कोने में पहुंचने की क्षमता रखती है। टेक्नोलॉजी और उसके दम पर कमाई के मामले में भी दुनिया का कोई देश उसके आगे नहीं टिकता है। हालांकि उसे सुपरपावर का दर्जा दिलाने में मुख्य रूप से उसकी कंपनियों का हाथ है, जो टेक्नोलॉजी के दम पर दूसरे देशों की कंपनियों पर भारी पड़ती हैं। हम यहां अमेरिका की ऐसी 5 कंपनियों के बारे में बता रहे हैं, जिनके दम पर उसकी आर्मी दुनिया में सबसे ताकतवर बनी है। इसके साथ ही ये कंपनियां दुनिया भर में लाखों करोड़ रुपए की कमाई करती हैं।

moneybhaskar

Jan 14,2019 05:10:00 PM IST


वाशिंगटन. अमेरिका के पास सबसे मजबूत आर्मी है, जो कुछ ही समय में दुनिया के किसी भी कोने में पहुंचने की क्षमता रखती है। टेक्नोलॉजी और उसके दम पर कमाई के मामले में भी दुनिया का कोई देश उसके आगे नहीं टिकता है। हालांकि उसे सुपरपावर का दर्जा दिलाने में मुख्य रूप से उसकी कंपनियों का हाथ है, जो टेक्नोलॉजी के दम पर दूसरे देशों की कंपनियों पर भारी पड़ती हैं। हम यहां अमेरिका की ऐसी 5 कंपनियों के बारे में बता रहे हैं, जिनके दम पर उसकी आर्मी दुनिया में सबसे ताकतवर बनी है। इसके साथ ही ये कंपनियां दुनिया भर में लाखों करोड़ रुपए की कमाई करती हैं।

28 लाख करोड़ का है हथियारों का बाजार

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी SIPRI (Stockholm International Peace Research Institute) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2017 में टॉप 100 कंपनियों ने दुनिया में कुल 28 लाख करोड़ रुपए (398 अरब डॉलर) कीमत के हथियारोें की बिक्री हुई और इस बाजार में अमेरिकी कंपनियों का दबदबा है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य रूप से अमेरिका और रूस द्वारा हथियारों की खरीद बढ़ने से 2016 की तुलना में बिक्री में 2.50 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अमेरिका की टॉप 5 डिफेंस कंपनियां….

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1.लॉकहीड मार्टिन (Lockheed Martin) आर्म्स सेल्स-44.9 अरब डॉलर या 3.20 लाख करोड़ रुपए अमेरिका की सबसे पड़ी डिफेंस कंपनी लड़ाकू समुद्री जहाज, हाइपरसोनिक मिसाइल से लेकर फाइटर जेट बनाती है। इसके हथियारों की खरीद के लिए दुनिया के तमाम देशों के बीच होड़ रहती है। कंपनी ने वर्ष 2017 में 8.3 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 44.9 अरब डॉलर के हथियार बेचे थे।2.बोइंग (Boeing) आर्म सेल्स- 26.9 अरब डॉलर या 1.90 लाख करोड़ रुपए बोइंग अमेरिका के साथ ही दुनिया की दूसरी बड़ी डिफेंस कंपनी है। हालांकि वर्ष 2017 में नंबर 1 कंपनी लॉकहीड मार्टिन से उसकी बिक्री का अंतर बढ़कर 18 अरब डॉलर हो गया। एक एनालिस्ट्स रिपोर्ट के मुताबिक, बोइंग की बिक्री में कमी की मुख्य वजह उसके केसी-46 टैंकर एयरक्राफ्ट (KC-46 tanker aircraft) की डिलिवरी में देरी और सी-7 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (C-17 transport aircraft) की डिलिवरी बंद होना हो सकती है। हालांकि वर्ष 2018 में कंपनी को अमेरिका सरकार से बड़े ऑर्डर मिले हैं और सिर्फ सितंबर में ही कंपनी को 13.7 अरब डॉलर के 20 कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं।3.रेथिओन (Raytheon) आर्म्स सेल्स- 23.9 अरब डॉलर या 1.70 लाख करोड़ रुपए रेथिओन गाइडेड मिसाइल बनाने वाली दुनिया की सबसे पड़ी मैन्युफैक्चरर है और मिसाइल डिफेंस सिस्टम में भी अग्रणी कंपनी है। वर्ष 2017 में कंपनी की सेल्स 2 फीसदी बढ़कर 23.90 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गई। रेथिओन (Raytheon) के पोर्टफोलियो में कॉम्बैट टेस्टेड प्लेटफॉर्म पैट्रियट मिसाइल सिस्टम शामिल है, जो यूरोप के बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस की रीड़ बन गया है। यूरोप के बाहर 9 देशों के पास रेथिओन का पैट्रियट सिस्टम है।4.नॉर्थरोप ग्रुमैन (Northrop Grumman) आर्म्स सेल्स-22.4 अरब डॉलर या 1.60 लाख करोड़ रुपए वर्ष 2017 में नॉर्थरोप ग्रुमैन की बिक्री 2.4 फीसदी बढ़कर 22.4 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गई। जून में Northrop Grumman ने 7.8 अरब डॉलर में रॉकेट बनाने वाली कंपनी ऑर्बिटल एटीके (Orbital ATK) का अधिग्रहण किया था।5.जनरल डायनैमिक्स (General Dynamics) आर्म्स सेल्स-19.5 अरब डॉलर या 1.40 लाख करोड़ रुपए जनरल डायनैमिक्स (General Dynamics) एम1 अब्राम्स टैंक बनाती है, जिसे अमेरिकी सेना की बड़ी ताकत माना जाता है। कंपनी ने वर्ष 2017 में 19.5 अरब डॉलर की सेल्स की थी।
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