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अमेरिका ने सीरिया पर किए हवाई हमले, कहा-सबक सिखाना है जरूरी

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ऐलान के क्रम में शनिवार की सुबह अमेरिका ने सीरिया में कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिका

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वाशिंगटन. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ऐलान के क्रम में शनिवार की सुबह अमेरिका ने सीरिया में कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिका ने सीरिया में केमिकल अटैक के विरोध में यह हमला किया है। ब्रिटेन और अमेरिका ने इस हमले के सफल होने का दावा किया। वहीं सीरिया ने कहा कि यह हमला एक साइंटिफिक रिसर्च फैसिलिटी पर किया गया है। इस हमले में फ्रांस भी अमेरिका को सपोर्ट कर रहा है। 

 


ब्रिटेन ने सफल बताया हमला
ब्रिटेन की डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा, ‘शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि सीरिया के खिलाफ एअरस्ट्राइक सफल रही, जो एक मिलिट्री फैसिलिटी पर की गई।’ ट्रम्प के ऐलान के बाद ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस ने सुबह दमिश्क के निकट हमले किए। ब्रिटेन की मिनिस्ट्री ने एक बयान जारी कर कहा कि इस हमले के असर का फिलहाल आकलन किया जा रहा है, हालांकि हमले के बाद खासी तबाही देखने को मिली और योजना के अनुरूप यह सफल अटैक रहा।
ब्रिटिन की प्राइम मिनिस्टर थेरेसा मे ने कहा कि यह न तो सिविल वार है, न ही सत्ता में बदलाव के लिए किया गया है। हालांकि यह एक लिमिटेड और टारगेटे स्ट्राइक है, जिससे रीजन में टेंशन और न बढ़े और नागरिकों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी। मे ने कहा, ‘हम वैकल्पिक तरीकों को तरजीह देंगे, लेकिन इस समय हमारे पास कोई रास्ता नहीं है।’


 

केमिकल एजेंट के इस्तेमाल के विरोध में कार्रवाई
इस हमले के बाद डिफेंस सेक्रेटरी जिम मैट्टीज ने कहा, ‘हमें पूरा भरोसा है कि केमिकल अटैक के पीछे सारिया के राष्ट्रपति बशर असद और उनके लोगों का हाथ है।’ मैट्टीस ने रिपोर्टर्स से बातचीत में कहा कि असद ने निर्दोष लोगों पर केमिकल अटैक किया है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका एक केमिकल एजेंट के इस्तेमाल किए जाने की पूरी जानकारी है।
ट्रम्प पहले ही अमेरिकी आर्म्ड फोर्सेस को सीरिया की बशर अल असद सरकार पर हमले करने का आदेश दे चुके हैं। बता दें कि पिछले सात साल से सीरिया गृहयुद्ध में उलझा हुआ है। लाखों सीरियाई नागरिकों को दुनिया के दूसरे मुल्कों में शरण लेनी पड़ रही है।


कई धमाकों की खबर
- सीएनएन ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया, ट्रम्प के आदेश के बाद फौरन सीरिया की राजधानी दमिश्क में धमाकों की आवाज सुनी गई है।
- अमेरिका के कई डिफेंस अफसरों के मुताबिक, इस हमले में यूएस एयरक्राफ्ट के अलावा बी-1 बॉम्बर्स और शिप का इस्तेमाल भी किया गया है।

- बता दें कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने रासायनिक हथियारों का प्रयोग किया था। इसमें 60 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
- अमेरिका की तरफ से उस वक्त ही सीरिया के खिलाफ काफी स्ट्रॉन्ग रिएक्शन देखने को मिला था।

- ट्रंप ने अपनी स्पीच भी कहा कि केमिकल वीपन्स के इस्तेमाल के कारण ही अमेरिका ने सीरिया पर हमला शुरू किया है।

- अमेरिका की इस कार्रवाई में ब्रिटेन और फ्रांस भी शामिल हैं।


खतरनाक हथियारों से कर रहे हैं हमले
- एक टॉप अफसर के मुताबिक, मिसाइल हमलों के निशाने पर सीरिया के कई ठिकाने हैं, इसमें थॉमहॉक क्रूज मिसाइल भी शामिल हैं। 
- यूएस प्रेसिडेंट ने सीरिया के साथ खड़े रहने वाले ईरान और रूस को लेकर भी बेहद कड़े शब्दों का प्रयोग किया।
- उन्होंने कहा, 'इन देशों को सोचना होगा कि ये किसका साथ निभा रहे हैं। मासूम लोगों की जान लेनेवालों का आप कैसे साथ निभा सकते हैं?'

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