ताइवान को 60 नए फाइटर प्लेन बेचने पर बौखलाया चीन, अमेरिका को दी यह धमकी

F-16: ट्रेड वार के बाद अब चीन और अमेरिका के बीत एक नए मुद्दे को लेकर टकराव बढ़ सकता है। माना जा रहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अगुआई वाली अमेरिका सरकार ने ताइवान को दर्जनों नए लड़ाकू विमान (fighter jets) बेचने की अनुमति दे दी है। 

moneybhaskar

Mar 23,2019 11:53:00 AM IST

न्यूयॉर्क. ट्रेड वार के बाद अब चीन और अमेरिका के बीत एक नए मुद्दे को लेकर टकराव बढ़ सकता है। माना जा रहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अगुआई वाली अमेरिका सरकार ने ताइवान को दर्जनों नए लड़ाकू विमान (fighter jets) बेचने की अनुमति दे दी है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन इस फैसले से खासा नाराज है। दरअसल चीन, ताइवान पर अपना दावा करता रहा है और उसे अपने देश का हिस्सा मानता है। इसके चलते चीन और ताइवान के बीच तनाव की स्थिति बनी रहती है।

ओबामा सरकार ने एफ-16 बेचने से कर दिया था इनकार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ताइवान ने अमेरिका से 60 नए एफ-16 (F-16) फाइटर जेट बेचने का अनुरोध किया था, जो तीन दशक पहले खरीदे गए फाइटर जेट के पहले बैच से ज्यादा ताकतवर हैं। इस आइसलैंड देश ने वर्ष 2011 में अमेरिका से नए फाइटर प्लेन्स की डिमांड की थी, लेकिन चीन के साथ रिश्ते बिगड़ने के डर से अमेरिका की तत्कालीन ओबामा सरकार ने ताइवान के अनुरोध को खारिज कर दिया और उसके पुराने फाइटर प्लेन्स के बेड़े को अपग्रेड करने का ऑफर दिया था।

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ताइवान के पास हैं 150 पुराने एफ-16

ताइवान के बेड़े में लगभग 150 ब्लॉक 20 एफ-16 ए/बी (Block 20 F-16A/B) फाइटर प्लेन हैं, जिन्हें F-16V के स्टैंडर्ड में अपग्रेड किया जा रहा है। द वार जोन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान लंबे समय से Block 70 F-16 फाइटर प्लेन खरीदने की कोशिश कर रहा है। ताइवान की मिलिट्री को पहला अपग्रेड एफ-16 बीते साल ही मिला था।

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बौखलाया चीन बोला-हालात की गंभीरता समझे अमेरिका

इस खबर के आने के बाद चीन ने बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, ‘अमेरिका द्वारा ताइवान को हथियारों की बिक्री का चीन सख्त विरोध करता रहा है और करता रहेगा। हम अमेरिका से इस मुद्दे पर हालात की गंभीरता और इससे होने वाले नुकसान को समझने का अनुरोध करते हैं।’ उन्होंने अमेरिका से ताइवान को हथियारों की बिक्री रोकने और उसके साथ सैन्य संबंध खत्म करने की मांग की है।

 

मजबूत हो जाएगा ताइवान का एयर डिफेंस सिस्टम

ताइवान ने इस महीने की शुरुआत में ही फाइटर प्लेन्स के नए फ्लीट को देने का अनुरोध किया था। ताइवान की एयरफोर्स कमांड हेडक्वार्टर्स के हेड मेजर जनरल तैंग गुंग-एन ने कहा, ‘हमारे ऑप्शंस में एफ-15 (F-15), एफ-18 (F-18),  एफ-16 (F-16) और यहां तक कि एफ-35 (F-35) भी शामिल हैं। इन जेट्स से हमारा एयर डिफेंस सिस्टम खासा मजबूत हो जाएगा।’ 

 

 
 
एफ-35 के अनुरोध को खारिज कर चुका है अमेरिका

खबरों के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एडवाइजर्स ने ताइवान से एडवांस एफ-16 के लिए औपचारिक अनुरोध करने के लिए कहा था। समझा जाता है कि अमेरिका ने इससे पहले मिली एफ-35 (F-35) के अनुरोध को खारिज कर दिया था। समझा जाता है कि ट्रम्प सरकार से 60 एफ-16 की डील को ‘मौन सहमति’ दे दी गई है।

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