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ट्रॉली भरकर पैसे लेकर शॉपिंग करने निकलते थे इस देश के लोग, ब्रेड का एक पैकेट खरीदने के लिए खर्च करने पड़ते थे लाखों रुपए

करोड़ों पैसे होने के बावजूद गरीब हैं लोग

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नई दिल्ली। भारत में लोग आए दिन चीजों के कीमतों में बढ़ोतरी से परेशान हैं। लेकिन दुनिया में एक ऐसा देश भी है जहां कुछ साल पहले मात्र 24 घंटे में चीजों के दाम दोगुने तक हो जाते थे। हालात ऐसे थे कि यहां लोग बैग में पैसे भरकर सामान खरीदने के लिए बाजार जाते थे। यदि लोगों को पूरे घर के लिए खरीदारी करनी होती थी तो वह ट्रॉली भरकर रुपए लेकर जाते थे। हम बात कर रहे हैं दक्षिण अफ्रीका के देश जिम्बाब्वे की। आपको बता दें कि जिम्बाब्वे लंबे समय से आर्थिक मंदी से जूझ रहा है जिसके चलते हाल ही में यहां के वित्त मंत्री ने अगले 12 महीनों में अपनी नई करंसी लाने की घोषणा की है। आइए बताते हैं कि इससे पहले जिम्बाब्वे की स्थिति क्या थी।

 

करोड़ों पैसे होने के बावजूद गरीब हैं लोग

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 1980 से 2009 के बीच जिम्बाब्वे में महंगाई काफी हद तक बढ़ गई थी। जिस कारण यहां लोगों को छोटी जरूरतों के सामान के लिए भी काफी ज्यादा पैसे देने पड़ते थे। वर्ल्ड बैंक की मानें तो जिम्बाब्वे में इतिहास की दूसरी सबसे ज्यादा महंगाई दर होती थी। उस समय जिम्बाब्वे में लोगों के पास करोड़ों पैसे थे लेकिन इसका उन्हें कोई लाभ नहीं  मिलता था क्योंकि उनके पैसों की वैल्यू काफी कम थी। जिम्बाब्वे का एक हजार लाख करोड़ मात्र 5 अमेरिकी डॉलर के बराबर था।

अत्यधिक नोट छापने की वजह से बिगड़े थे हालात

दरअसल, एक समय जिम्बाब्वे में पैसे की काफी कमी हो गई थी, जिसके कारण सरकार ने बहुत सारे नोट छापने शुरू कर दिए थे। इससे लोगों के पास काफी पैसे इकट्ठे हो गए। लेकिन फिर अचानक से महंगाई बढ़ने के कारण पैसों की वैल्यू काफी कम हो गई। इस कारण लोगों को थैले भरकर शॉपिंग के लिए जाना पड़ता था। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां महंगाई इतनी अधिक थी कि लोग ब्रेड के एक पैकेट के लिए लाखों रुपए खर्च करते थे। फिलहाल जिम्बाब्वे में कई देशों की करंसी का इस्तेमाल की जाती है।

2009 में बदल दी थी आधिकारिक मुद्रा

 

देश में बढ़ती महंगाई को देखते हुए जिम्बाब्वे सरकार को 2009 में बड़ा कदम उठाना पड़ा थे। इसके तहत सरकार ने 2009 में अपनी मुद्रा को छोड़कर अमेरिकी डॉलर और दक्षिण अफ्रीकी रैंड को आधिकारिक मुद्रा के तौर पर अपना लिया था। 

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