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BRI से दुनिया को फायदा, दबदबा बढ़ाने की नहीं है कोई मंशा: शी जिनपिंग

बीजिंग. चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने महत्‍वाकांक्षी बेल्‍ट एंड रोड इनीशिएटिव (BRI) को दुनियाभर के लिए लाभकारी बताया है। साथ ही यह भी कहा है कि अरबों डॉलर के इस प्रोजेक्‍ट के तहत चीन की जियोपॉलिटिकल हित साधने की कोई मंशा नहीं है। यह बात जि‍‍नपिंग ने चीन के बोआओ में हो रहे बोआओ फोरम फॉर एशिया (BFA) में कही। 

 

जिनपिंग ने कहा कि BRI भले ही चीन का आइडिया हो लेकिन इसके अवसर और परिणाम पूरी दुनिया को फायदा पहुंचाएंगे। यह पूछे जाने पर कि क्‍या इस प्रोजेक्‍ट का उद्देश्‍य चीन का प्रभुत्‍व बढ़ाना है, जिनपिंग ने कहा कि इस प्रोजेक्‍ट को लेकर चीन की कोई जियोपॉलिटिकल महत्‍वाकांक्षा नहीं है। चीन न ही इसमें कोई अवरोध चाहता है और नही अन्‍य देशों पर बिजनेस डील थोप रहा है। 

 

भारत-चीन संबंधों में बना अवरोध 

BRI का फोकस एशियाई देशों, अफ्रीका, चीन और यूरोप के बीच कनेक्टिविटी और सहयोग बेहतर बनाना है। लेकिन BRI प्रोजेक्‍ट से भारत और चीन के संबंधों में बड़ा अवरोध उत्‍पन्‍न हो गया है। इसकी वजह है इस प्रोजेक्‍ट का प्रमुख हिस्‍सा कहा जाने वाला 50 अरब डॉलर की लागत वाला विवादित चीन-पाकिस्‍तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC)। भारत ने CPEC को लेकर आपत्ति जताई है, क्‍योंकि यह पाकिस्‍तान के हिस्‍से में आने वाले कश्‍मीर (PoK) से होकर गुजरने वाला है। भारत ने पिछले साल चीन द्वारा आयोजित बेल्‍ट एंड रोड फोरम का भी बहिष्‍कार किया था। 

 

BRI नई पहल, इसलिए विचारों की भिन्‍नता स्‍वाभाविक 

जिनपिंग ने कहा कि यह उल्लिखित करना जरूरी है कि BRI एक नई पहल है, इसलिए इस पर सहयोग को लेकर विचारों की भिन्‍नता स्‍वाभाविक है। जब विभिन्‍न पार्टियां व्‍यापक विचार-विमर्श, जॉइंट कॉन्‍ट्रीब्‍यूशन और साझा होने वाले लाभों पर राजी होंगी, हम निश्चित तौर पर सहयोग को बेहतर कर सकेंगे और मतभेद को दूर कर सकेंगे। इस तरह से हम BRI को इंटरनेशनल को-ऑपरेशन के लिए सबसे बड़ा प्‍लेटफॉर्म बना सकेंगे, जो इकोनॉमिक ग्‍लोबलाइजेशन के ट्रेंड के अनुरूप होगा और जिससे दुनियाभर के लोगों का फायदा होगा। 

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