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पीएम मोदी की कोशिशों को झटका, 19 करोड़ भारतीय युवाओं के पास बैंक अकाउंट नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमाम प्रयासों के बावजूद अब भी 19 करोड़ भारतीय युवाओं के पास निजी बैंक अकाउंट नहीं है।

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नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमाम प्रयासों के बावजूद अब भी 19 करोड़ भारतीय युवाओं के पास निजी बैंक अकाउंट नहीं है। यह जानकारी वर्ल्‍ड बैंक की एक रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में चीन पहले जबकि भारत दूसरे स्‍थान पर है। यही नहीं, रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि आधे से अधिक बैंक अकाउंट पिछले एक साल से एक्टिव नहीं हैं। ये हालात तब हैं जब मोदी सरकार जनधन योजना के तहत 31 करोड़ भारतीयों को बैंकिंग सिस्‍टम से जोड़ चुकी है।  
 
क्‍या है रिपोर्ट में
वर्ल्‍ड बैंक द्वारा जारी ग्‍लोबल फिंडेक्‍स डाटाबेस के मुताबिक इंटरनेशनल मॉनेटरिंग फंड और वर्ल्‍ड बैंक के एनुअल  स्प्रिंग मीटिंग के दौरान विश्‍व के 11 फीसदी युवा भारतीय हैं, जिनका निजी बैंक अकाउंट नहीं है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत की युवा आबादी 2011 से 80 फीसदी तक बढ़ी है।
 
ग्‍लोबली आई तेजी
रिपोर्ट के मुताबिक ग्‍लोबली 69 फीसदी युवाओं के पास बैंक अकाउंट या मोबाइल मनी प्रोवाइडर है। यह आंकड़ा 2014 की तुलना में 3 फीसदी ज्‍यादा है। 2014 में 62 फीसदी युवाओं के बैंक अकाउंट थे। जबकि 2011 में यह आंकड़ा 51 फीसदी के करीब था। रिपोर्ट के मुताबिक 2014 से 2017 के बीच 51 करोड़ से ज्‍यादा युवाओं के बैंक अकाउंट खुले।
 
टॉप पर है चीन 
बैंक ने कहा कि चीन और भारत में जनसंख्‍या के हिसाब से लोग बैंकिंग सिस्‍टम से अभी नहीं जुड़े हैं। इसके मुताबिक चीन में 22 करोड़ से ज्‍यादा युवाओं के पास निजी बैंक अकाउंट नहीं है। वहीं भारत के 19 करोड़ युवा अभी भी बिना बैंक अकाउंट के हैं। इस मामले में तीसरे और चौथे स्‍थान पर पाकिस्‍तान (10 करोड़ ) और इंडोनेशिया (9.5 करोड़) है।  
 
सरकार की बढ़ेगी चिंता
वर्ल्‍ड बैंक ने कहा कि मोदी सरकार ने 2014 में सत्‍ता में आने के बाद से ही जनधन योजना के तहत लोगों के बैंक अकाउंट खोलने के प्रयास कर रही है। लेकिन इसके बावजूद बीते 1 साल से आधे से अधिक अकाउंट एक्टिव नहीं हैं। यह सरकार के लिए चिंता का विषय है।   

 
 
 
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