मोदी की मदद से मुकेश अंबानी अपने इस प्लान से देंगे Amazon और फ्लिपकार्ट को मात

 

भारत के सबसे रईस रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी अपने नए प्लान से रिटेल कारोबार करने वाली दुनिया की दिग्गज ई कामर्स कंपनियां अमेजन और Flipcart को मात देंगे।  वे ऐसा कर अपनी दौलत में इतना इजाफा कर लेंगे कि दुनिया में नंबर वन बन जाएं। अभी फोर्ब्स की सूची में वे दुनिया में 13 वें नंबर पर हैं।

money bhaskar

Mar 09,2019 12:36:00 PM IST

मोदी की मदद से मुकेश अंबानी अपने इस प्लान से देंगे Amazon और फ्लिपकार्ट को मात

रिलायंस ट्रेंड्स का विस्तार कर ई कामर्स के क्षेत्र में उतरेंगे अंबानी, ट्रेंड्स के स्टोरों के जरिए प्रतिस्पर्द्धा का प्लान

नई दिल्ली। भारत के सबसे रईस रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी अपने नए प्लान से रिटेल कारोबार करने वाली दुनिया की दिग्गज ई कामर्स कंपनियां अमेजन और Flipkart को मात देंगे। वे ऐसा कर अपनी दौलत में इतना इजाफा कर लेंगे कि दुनिया में नंबर वन बन जाएं। अभी फोर्ब्स की सूची में वे दुनिया में 13 वें नंबर पर हैं। इस रईस ने अब अमेजन को पछाड़ने के लिए अपने कम लागत वाले रिलायंस ट्रेंड्स फैशन स्टोर की संख्या 557 से बढ़ाकर 2500 करने की योजना बनाई है। इस काम में अप्रत्यक्ष तौर पर केंद्र सरकार के नए नियम भी मदद कर रहे हैं। ई कामर्स के नए नियम से अमेजन को घाटा होगा जबकि रिलायंस को फायदा होगा।

ग्राहकों को मिलेगी जल्द डिलीवरी

रिलायंस के वरिष्ठ सूत्रों ने बताया कि रिलायंस स्टोरों को ऑनलाइन व्यवसाय के साथ मिलाया जाएगा। इससे ग्राहकों को डिलीवरी भी जल्दी मिलेगी और किसी तरह की शिकायत होने पर वे नजदीकी स्टोर पर जाकर एक्सचेंज भी कर सकेंगे। अरबपति अंबानी द्वारा ई-कॉमर्स के दिग्गजों Amazon.com इंक और वॉलमार्ट इंक के फ्लिपकार्ट के साथ प्रतिस्पर्द्धा कर भारतीय उपभोक्ताओं अपनी तरफ आकर्षित करने का यह नया कदम हैं। सूत्रों ने कहा कि अंबानी खुदरा पर दांव बढ़ाएंगे। इस साल की शुरुआत में बैठकों में भी इस तरह की योजना पेश की गई थी। गौरतलब है कि एशिया के सबसे धनी व्यक्ति अंबानी ने रिटेल कारोबार के लिए वर्ष 2007 में रिलायंस रिटेल लिमिटेड की स्थापना की थी।


ऐसे मिली मोदी की मदद

दिसंबर में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने ई-कॉमर्स के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नियमों को संशोधित किया था। इसमें ऑनलाइन खुदरा विक्रेताओं को दूसरे विक्रेताओं के माध्यम से उत्पादों को बेचने से रोक दिया, जिसमें उनका इक्विटी हित है। यही नहीं विक्रेताओं के साथ अपने प्लेटफार्मों पर विशेष रूप से बेचने के लिए सौदे करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। इससे अमेजन और फ्लिपकार्ट जो कि दूसरी कंपनियों के माल अपने प्लेटफार्म पर ज्यादा मुनाफे में बेचा करते थे, उस पर पाबंदी लग गई। रिलायंस के लिए यही एक मौका है जबकि वह इसमें सेंध लगाकर अपने स्टोरों के जरिए उपभोक्ता सामान बेचे। रिलायंस ट्रेंड्स कई उपभोक्ता सामानों के साथ-साथ कपड़े भी बेचता है। इसमें वह अपने निजी लेबल्स भी लगाता है।

टियर 3 व 4 शहरों तक पहुंच बनाएगा रिलायंस

रिलायंस के एक एक्जीक्यूटिव ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रिलायंस ट्रेंड पांच साल में 160 से बढ़कर 300 शहरों में होगा। साथ ही अपने ई-कॉमर्स वेंचर के साथ निजी लेबल की उपलब्धता को एकीकृत कर टियर 3 और 4 शहरों तक अपनी पहुंच बनाने की योजना पर काम कर रहा है। पिछले साल रिलायंस ट्रेंड्स ने 100 से अधिक स्टोर खोले थे।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.