बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Internationalविजय माल्या के खिलाफ धोखाधड़ी का बहुत मजबूत केस: सरकार का दावा

विजय माल्या के खिलाफ धोखाधड़ी का बहुत मजबूत केस: सरकार का दावा

भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्‍या के खिलाफ धोखाधड़ी का भारत के पास मजबूत केस है।

1 of

 

 

नई दिल्‍ली. भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्‍या के खिलाफ धोखाधड़ी का भारत के पास मजबूत केस है। एक शीर्ष सरकारी सूत्र ने यह खुलासा ऐसे समय किया है, जब यूके की कोर्ट में माल्‍या की वकील ने यह बताया कि उनके मुव्‍वकिल के खिलाफ भारत के पास कोई साक्ष्‍य नहीं है। सरकार के सूत्र के अनुसार, ब्रिटेन के फ्रॉड एक्‍ट 2006 के संदर्भ में माल्‍या के खिलाफ प्राइमा फेसिया (प्रथम दृष्‍टया) एक बहुत मजबूत केस है। उन्‍होंने बताया कि लंदन मीडिया में ऐसी खबरें आई कि माल्‍या के खिलाफ केस में भारत सरकार के पास कोई साक्ष्‍य नहीं है और उनकी वकील ने सरकार की प्रत्‍यर्पण याचिका को बेबुनियाद करार दिया। सुनवाई 14 दिसंबर तक चलेगी...

 

 

 

- माल्‍या के प्रत्‍यर्पण मामले की सुनवाई लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट में चल रही है। यह सुनवाई 14 दिसंबर तक चलेगी।

- इस मामले की सुनवाई में भारत ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि माल्‍या के खिलाफ फ्रॉड का मामला बनता है।

- सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान जांच एजेंसी के अफसरों की टीम भी मौजूद रही, जिसकी अगुआई स्पेशल सीबीआई डायरेक्टर राकेश अस्थाना कर रहे हैं।

- वहीं, सुनवाई से पहले माल्या ने एक बार फिर अपने ऊपर लगे आरोपों को आधारहीन और गलत ठहराया है। बता दें कि बैंकों के 9 हजार करोड़ के कर्ज माल्या को भारत में भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।

 

 

ये भी पढ़ें- माल्या को देना होगा धोखाधड़ी के आरोपों का जवाब, भारत के वकील ने रखीं दलीलें

 

 

IDBI के 2 हजार करोड़ के लोन पर रहा जोर

- प्रत्‍यर्पण मामले की सुनवाई के दौरान भारत सरकार की पैरवी कर रही क्राउन प्रोसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) का जोर कुल 2 हजार करोड़ रुपए के लोन पर था, जो माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस ने भारतीय बैंकों के कंसोर्टियम से लिए था।

- सीपीएस ने माना कि इन लोन को मंजूरी देने में बैंकों के इंटरनल प्रॉसेस में खामियां हो सकती हैं, लेकिन इस पर भारत में बाद के चरणों में गौर किया जाएगा।

 

लंदन कोर्ट में कब-कब सुनवाई होगी?

- इस मामले में अब 5, 6, 7, 11, 12, 13 और 14 दिसंबर को इस मामले की सुनवाई करेगा। उधर, डिफेंस टाइम टेबल के मुताबिक, 24 दिसंबर को फैसला सुनाया जाएगा।

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, लिखित में क्लोजिंग आर्ग्यूमेंट सबमिट करने के दोनों पक्षों के बिजी शेडयूल पर जज ने सलाह दी कि नए साल में ओरल क्लोजिंग सबमिशन को खत्म करने के बजाय जनवरी में आधे दिन की सुनवाई रखी जा सकती है।

 

अब तक दो बार अरेस्ट हुए माल्या

- लंदन एडमिनिस्ट्रेशन ने माल्या को रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर पहली बार 18 अप्रैल को अरेस्ट किया था, लेकिन 3 घंटे में जमानत मिल गई थी। फिर 3 अक्टूबर को मनी लॉन्ड्रिंग के दूसरे केस में माल्या को अरेस्ट किया गया था। इस बार भी आधे घंटे में ही बेल मिल गई।

- बता दें कि भारत ने इस साल 8 फरवरी को ब्रिटेन से उसके एक्स्ट्राडीशन (प्रत्यर्पण) की रिक्वेस्ट की थी। इसके बाद मार्च में ब्रिटिश पीएम थेरेसा मे ने लंदन में अरुण जेटली से प्रोटोकॉल तोड़कर मुलाकात की थी। इस मुलाकात में माल्या को भारत को सौंपने पर चर्चा हुई थी।
 

आगे पढ़ें...विजय माल्‍या पर कितना है बकाया

 

माल्या पर है इतना कर्ज

- 31 जनवरी 2014 तक किंगफिशर एयरलाइन्स पर बैंकों का 6,963 करोड़ रुपए बकाया था। इस कर्ज पर इंटरेस्ट के बाद माल्या की टोटल लायबिलिटी 9,432 करोड़ रुपए हो चुकी है।

- सीबीआई ने 1000 से भी ज्‍यादा पेज की चार्जशीट में कहा कि किंगफिशर एयरलाइन्स ने IDBI की तरफ से मिले 900 करोड़ रुपए के लोन में से 254 करोड़ रुपए का निजी इस्‍तेमाल किया।

- किंगफिशर एयरलाइन्स अक्टूबर 2012 में बंद हो गई थी। दिसंबर 2014 में इसका फ्लाइंग परमिट भी कैंसल कर दिया गया।

- डेट रिकवरी ट्रिब्‍यूनल ने माल्या और उनकी कंपनियों UBHL, किंगफिशर फिनवेस्ट और किंगफिशर एयरलाइन्स से 11.5% प्रति साल की ब्याज दर से वसूली की प्रॉसेस शुरू करने की इजाजत दी थी।

 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट