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Home » इकोनॉमी » इंटरनेशनलTrump proposal estimated 500000 to 750000 H-1B visa holders will be impacted

ट्रम्‍प सरकार का H1B वीजा पर नया प्रपोजल, 7.5 लाख भारतीय वर्कर्स पर हो सकता है असर

अमेरिका में H1B वीजा पर रहने वाले भारतीयों को ट्रम्‍प सरकार का एक फैसला मुसीबत में डाल सकता है।

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वाशिंगटन. अमेरिका में H1B वीजा पर रहने वाले भारतीयों को ट्रम्‍प सरकार का एक फैसला मुसीबत में डाल सकता है। भारत के आईटी प्रोफेशनल्‍स द्वारा प्रमुख रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले H1B वीजा को अमेरिका और विस्तार नहीं देने संबंधी नियम बनाने पर विचार कर रहा है। यह प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्‍प के 'बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन' की पहल का हिस्सा है। इस कदम से ऐसे हजारों विदेशी कर्मचारी जिनका ग्रीन कार्ड आवेदन पेंडिंग है उनके द्वारा H1B वीजा कायम रखने पर सीधे रोक लग जाएगी। अगर यह प्रपोजल लागू होता है तो ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे करीब 5 लाख से 7.50  लाख स्किल्ड भारतीयों को अमेरिका से भारत लोटना पड़ा सकता है। 

अमेरिकी न्‍यूज एजेंसी मैकक्लैची के डीसी ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार, इस संबंध में एक प्रपोजल अमेरिका के होमलैंड सिक्‍युरिटी डिपार्टमेंट (डीएचएस) के प्रमुखों के बीच साझा किया गया है। यह ट्रम्‍प की 'बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन' पहल का हिस्सा है, जिसके बारे में उन्होंने अपने 2016 के इलेक्‍शन कैम्‍पेन में वादा किया था। ट्रम्‍प सरकार के प्रपोज्‍ड बिल का मकसद अमेरिकियों की जॉब सुरक्षित करना और उनके लिए मौके बढ़ाना है। 

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H1B का दुरुपयोग रोकना भी मकसद 

ट्रम्‍प सरकार के इस प्रपोजल का उद्देश्य एच1बी वीजा का दुरुपयोग भी रोकना है। साथ ही जिन लोगों के पास पहले से ग्रीनकार्ड हैं, उनके लिए इस वीजा की अवधि बढ़ाने वाले प्रावधान को खत्म करना है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में यह कानून आवेदक का ग्रीन कार्ड लंबित रहने के दौरान तीन वर्ष की अवधि के लिए उसके H1B वीजा का दो बार एक्‍सटेंशन करने की इजाजत देता है। इसके बाद भी जरूरत पड़ने पर अमेरिकी प्रशासन इस अवधि को और बढ़ा सकता है। इस वीजा का उपयोग अधिकतर भारतीय इ मिग्रेंट्स करते हैं।

 

स्किल्‍ड को मिलता है H-1B वीजा

H-1B वीजा एक नॉन इमिग्रेंट वीजा है। इसके तहत अमेरिकी कंपनियां स्किल्‍ड विदेशी वर्कर्स को जॉब देती हैं। यह वीजा कंपनी को तीन से छह साल के लिए विदेशी वर्कर्स को हायर करने के लिए दिया जाता है। मौजूदा कानून के मुताबिक, विदेशी गेस्ट वर्कर्स को H-1B वीजा की 3 साल की वैधता के अलावा एक बार तीन साल का विस्तार मिलता है। अगर इन 6 साल तक व्यक्ति का ग्रीन कार्ड (स्थाई निवास) का आवेदन पेंडिंग है तो उसके H-1B वीजा को तब तक अनिश्चित विस्तार मिल जाता है जब तक ग्रीन कार्ड का आवेदन पूरा नहीं होता है। 

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