Home » Economy » Internationalमाल्‍या प्रत्‍यर्पण मामले में कुछ और गवाहों के बयानों पर सुनवाई-UK: Mallya trial to hear evidence from pol

माल्या केस में उठे CBI की निष्पक्षता पर सवाल, भारत के वकीलों ने इन बातों में दम नहीं

सोमवार को हुई सुनवाई में माल्‍या के वकीलों का कहना था कि माल्‍या को भारत लौटने के लिए मजबूर करने की कोई वजह नहीं है।

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लंदन. विजय माल्या के एक्स्ट्राडीशन (प्रत्यर्पण) केस की मंगलवार को लंदन की वेस्टमिनिस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में माल्या के वकीलों ने पॉलिटिकल एक्सपर्ट लॉरेंस सेज का स्टेटमेंट पेश किया। इसमें लॉरेंस ने ये कहते हुए सीबीआई और इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) पर सवाल उठाए थे कि भारत के सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले के दौरान सीबीआई को पिंजरे में बंद तोता कहा था। हालांकि, भारत की ओर से क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) ने सेज के एक्सपर्ट कमेंट पर कहा कि माल्या के डिफेंस में लाए गए पॉलिटिकल एक्सपर्ट का स्टेटमेंट जिन तथ्यों पर आधारित है, उनमें खामियां हैं। बता दें कि माल्या पर 17 बैंकों के 9,432 करोड़ रुपए बकाया हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पिछले साल 2 मार्च को देश छोड़कर भाग गए थे । भारत ने ब्रिटेन से उसके एक्स्ट्राडीशन की रिक्वेस्ट की थी।
 

माल्या के बचाव में EXPERT ने क्या दलील दी?

माल्या के वकील कोर्ट में स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड एशियन स्टडीज के डिपार्टमेंट ऑफ पॉलिटिक्स के प्रोफेसर लॉरेंस सेज को लेकर पहुंचे, साथ में लॉरेंस का रिटेन स्टेटमेंट भी पेश दिया। इसमें सीबीआई और ED की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा किया गया। लॉरेन्स ने स्टेटमेंट में सुप्रीम कोर्ट के सीबीआई को पिंजरे में बंद तोता कहने और पिछले सीबीआई डायरेक्टर्स के उन किस्सों का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अपने काम में हस्तक्षेप की बात कही थी।
 

भारत ने EXPERT के स्टेटमेंट पर क्या कहा?

भारत सरकार की ओर से CPS के बैरिस्टर मार्क समर्स ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के जिस कोट को लॉरेंस ने कोट किया है, उसका नतीजा ये निकला था कि सीबीआई की स्वतंत्र रूप से निगरानी करने वाला सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (CVC) बना। सीबीआई की स्वतंत्रता का आकलन करने के लिए आपकी (लॉरेंस) रिपोर्ट में CVC का कहीं जिक्र नहीं किया गया।"
 

CBI पर सवाल उठाने पर क्या कहा CPS ने?

समर्स ने कहा, "इंडियन मिनिस्ट्री ऑफ पब्लिक ग्रेवांस एंड पेंशन की सालाना रिपोर्ट में सीबीआई को देश की विश्वसनीय और प्राथमिक जांच एजेंसी बताया गया है। सेज के नजरिए को इसलिए नहीं मानना चाहिए, क्योंकि इस तरह के सोर्सेस का इसमें जिक्र नहीं किया गया। स्टेटमेंट काफी हद तक भारतीय मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है। इन रिपोर्ट में ये भी कहा गया था कि सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर के तौर पर राकेश अस्थाना का अप्वाइंटमेंट पॉलिटिकली मोटिवेटेड था।"

 

माल्या के प्रत्यर्पण पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने माल्या के प्रत्यर्पण केस में देरी को लेकर सरकार को जवाबतलब किया है। SC ने कहा कि 15 दिसंबर तक ये बताएं कि माल्या के प्रत्यर्पण में देरी क्यों हो रही है। अगर इस पर अमल नहीं किया गया तो विदेश मंत्रालय के सेक्रेटरी को भी समन भेजा जा सकता है।'
 

माल्या पर कितना कर्ज?

31 जनवरी 2014 तक किंगफिशर एयरलाइन्स पर बैंकों का 6,963 करोड़ रुपए बकाया था। इस कर्ज पर इंटरेस्ट के बाद माल्या की टोटल लायबिलिटी 9,432 करोड़ रुपए हो चुकी है।
 

 

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