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ट्रम्‍प ने किया ट्रेड वार का एलान, स्‍टील-एल्‍युमीनियम पर लगाई इम्‍पोर्ट ड्यूटी

भारत चीन समेत दुनिया भर के प्रमुख देशों के विरोध के बाद भी ट्रम्‍प ने इस फैसले पर दस्‍तखत कर दिए.

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नई दिल्‍ली. भारत, चीन समेत दुनिया भर के प्रमुख देशों के विरोध के बाद भी अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रम्‍प ने स्‍टील और एल्‍युमीनियम पर इम्‍पोर्ट ड्यूटी  लगाने से जुड़े फैसले पर बृहस्‍पतिवार को दस्‍तखत कर दिए। ट्रम्‍प ने कहा कि ग्‍लोबल मार्केट में स्‍टील डम्‍प करने वाले देशों के खिलाफ कदम उठाना राष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम था। इससे अमेरिकी लोगों को नौकरियां जा रही थीं और इकोनॉमी को चपत लग रही थी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चली आ रही बीमारी को दूर करने के लिए वह कदम उठाने जा रहे हैं। ट्रम्‍प के इस कदम के बाद अमेरिका की स्‍टील कंपनियों  स्‍टॉक में तेजी देखी गई है। 

 

 

कनाडा मैक्सिको को राहत, 15 दिन में नियम होगा प्रभावी  

इस नए फैसले में कनाडा और मैक्सिको को राहत दी गई है। मतलब कनाडा और मैक्सिको से स्‍टील और एल्‍युमीनियम के इम्‍पोर्ट पर अमेरिकी सरकार अतिरिक्‍त ड्यूटी नहीं वसूलेगी। 2016 में अपने चुनाव प्रचार के दौरान ट्रम्‍प ने वादा किया था कि वह सत्‍ता में आए तो इस तरह के टैरिफ के जरिए अमेरिका के घरेलू उद्योगों को बचाएंगे। अमेरिकी सरकार का दावा है कि इस कदम से  देश में हजारों कामगारों की नौकरी बचेगी। व्‍हाइट हाउस में ट्रम्‍प जिस समय टैरिफ से जुडे इस आदेश पर दस्‍तखत कर रहे थे, उस समय स्‍टील और एल्‍युमीनियम इंडस्‍ट्री से जुड़े बहुत से कामगार मौजूद भी थे। नया नियम 15 दिनों के भीतर प्रभावी हो जाएगा। 

 

EU समेत कई देशों ने किया था विरोध

ट्रम्‍प प्रशासन की ओर से स्‍टील और एल्‍यूमिनियम पर इम्‍पोर्ट ट्यूटी लागने क ी की घोषणा पर यूरोपीय यूनियन यानी ईयू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। यूपी से तो यहां तक धमकी दी थी कि अगर अमेरिका इस तरह का कदम उठाता है तो ईयू अमेरिका के आईकोनिक ब्रांड्स जैसे हार्ले डेविडसन और लाइव जींस के खिलाफ कदम उठाएगा। चीन भारत समेत कई देशों ने अमेरिका से इस तरह के कदम नहीं उठाने को कहा था।

 

 

आगे पढ़ें... कितना है टैरिफ, किन देशों को मिल सकती है छूट

 

 

स्‍टील पर 25 और एल्‍युमीनियम पर 10 फीसदी टैरिफ 
ट्रम्‍प के इस कदम से भारत चीन और यूरोपीय यूनियन समेत दुनिया के कई बड़े देशों की ओर से अमेरिका में भेजे जाने वाले स्‍टील पर 25 फीसदी और एल्‍युमीनियम पर 10 फीसदी का अतिरिक्‍त शुल्‍क वसूला जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि डोमेस्टिक इकोनॉमिक सिक्‍यूरिटी के लिए ऐसा करना जरूरी था। ट्रम्‍प ने कहा कि एक मजबूत स्‍टील और एल्‍युमीनियम इंडस्‍ट्री अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है। अगर आपके पास स्‍टील नहीं है तो समझिए आप देश विहीन हैं। 

 

 

अन्‍य देशों को भी भविष्‍य में मिल सकती है छूट 
रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल नार्थ अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (NAFTA)  के तहत आने वाले दो देशों कनाडा और मैक्सिको को बाहर किए जाने के बाबत टम्‍प  ने कहा कि भविष्‍य में कुछ और देशों कों  भी छूट मिल सकती है। हालांकि उन्‍हें यह साबित करना होगा कि यह छूट दिया जाना तर्क संगत है। अगर एक लक्ष्‍य हासिल करने के लिए साथ आना जरूरी हुआ तो अमेरिका कई अन्‍य देशों को भी टैरिफ से छूट देगा। हालांकि हम यह छूट तभी दी जाएगी जब यह भरोसा हो जाए कि इस छूट से अमेरिका की सिक्‍यूरिटी को कोई खतरा नहीं है। ट्रम्‍प ने कहा कि उनका प्रशासन ग्रेट फैक्सिबिलिटी के विचार की गति को धीमा करने जा रहा है। 

 

 

ट्रम्‍प ने दी थी ट्रेड वॉर की धमकी 
कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने एक ट्वीट कर ट्रेड वॉर का समर्थन किया था। अपने ट्वीट में अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने कहा था कि जब अमेरिका दूसरे देशों के साथ व्यापार कर अरबों डॉलर का नुकसान झेल रहा है, तो ऐसी स्थ‍िति में ट्रेड वॉर ही अच्छा है। इसके बूते जीतना काफी ज्यादा आसान है। एक और ट्वीट में उन्होंने लिखा कि जब कोई देश हमारे उत्पादों पर 50 फीसदी टैक्स लगाता है और हम उस देश से आने वाले उत्पाद पर जीरो टैक्स लगाते हैं, तो यह सही नहीं है। माना जा रहा है कि नए फैसले से ट्रम्‍प ने ट्रेड वॉर की ओर कदम बढ़ा दिया है। 

 

 

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