Home » Economy » Internationalडॉनल्ड ट्रंप ने येरूशलम, को इजरायल की राजधानी घोषित किया - trump declares Jerusalem as capital of Israel

ट्रम्प ने येरूशलम को इजरायल की राजधानी घोषित किया, क्रूड की बढ़ सकती हैं कीमतें

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के इस कदम से इजरायल औ फलस्‍तीन के बीच फिर तनाव फैल सकता है।

1 of

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रम्‍प ने अरब वर्ल्‍ड के विरोध का नजरअंदाज करते हुए येरूशलम को इजराइल की राजधानी घोषित कर दिया है। इसके चलते पूरे इलाके में फिर से तनाव फैलने की आशंका पैदा हो गई है। ईसाई, यहूदी और इस्‍लाम धर्म के संयुक्‍त पवित्र शहर पर इजरायल अपना पूरा हक जताता आ रहा है।  फलस्‍तीन पूर्वी येरूशलम को अपनी राजधानी बता रहा है। ट्रम्प के इस फैसले से पहले ही अरब देशों में इसके विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गए। 

 

 

अरब वर्ल्‍ड में फिर से खड़ा हो सकता है संकट 

अमेरिका के इस फैसले से एक बार फिर से अरब वर्ल्‍ड में संकट खड़ा हो सकता है। भारत के 2 पूर्व विदेश सचिव सलमान हैदर और ललित मानसिंह ने moneybhaskar.com को बताया कि, अमेरिका के इस कदम का अरब वर्ल्‍ड में सीधा और तत्‍कालिक असर होगा। इसके चलते उथल-पुथल मचनी तय है। पूरे अरब वर्ल्‍ड में हिंसा और प्रदर्शन का नया दौर देखने को मिलेगा। फलस्‍तीन का मुद्दा अरब वर्ल्‍ड की सरकारों के लिए भले उतना उतना अहमितय नहीं रखता हो, लेकिन मुस्लिम जगत अब भी इससे जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि ट्रंप के कदम के बाद करीब एक दर्जन देशों की तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सलमान हैदर के मुताबिक, इस टेंशन के वॉर में तब्‍दील होने की आशंका बेहद कम है, लेकिन इसके चलते आतंकवाद का नया रूप देखने को मिल सकता है।  

 

शॉर्ट टर्म में बढ़ सकती हैं क्रूड की कीमतें 

एनर्जी एक्‍सपर्ट्स मान रहे हैं कि अमेरिका के इस कदम का असर क्रूड पर दिखा सकता है। नरेंद्र तनेजा  ने moneybhaskar.com को बताया कि, अमेरिका के इस कदम के चलते कुछ दिनों तक क्रूड की कीमतों में इजाफा हो सकता है। कहा जा रहा है कि अमेरिका के इस कदम का लॉन्‍ग टर्म इम्‍पैक्‍ट नहीं पड़ेगा, ऐसे में क्रूड की कमतों पर भी लॉन्‍ट टर्म इम्‍पैक्‍ट नहीं पड़ने जा रहा है। 

 

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि क्रूड प्रोडक्शन में इजरायल का कोई बड़ा रोल नहीं। लेकिन येरूशलम को इजरायल की राजधानी घोषित किए जाने की वजह से अगर जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ता है, तो इसका असर क्रूड की कीमतों पर होगा। इसमें थोड़ा उछाल आ सकता है।

 

वहीं एंजेल ब्रोकिंग के कमेाडिटी एंड रिसर्च वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि मिडिल ईस्ट में टेंशन बढ़ने का असर क्रूड पर हो सकता है।  ऐसे में इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की कीमतें बढ़ीं तो इसका सीधा असर भारत जैसे क्रूड इम्‍पोर्टर देशों पर पड़ना तय है। महंगे क्रूड इम्‍पोर्ट से भारत सरकार की बैलेंसशीट फिर से बिगड़ सकती है, क्‍योंकि महंगा क्रूड इम्‍पोर्ट देश के वित्‍तीय घाटे को बढाने में अहम भूमिका अदा करेगा। 

 

देर रात येरूशलम को इजरायल की राजधानी घोषित किया

अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प ने विरोधों को नजरअंदाज करते हुए बुधवार देर रात येरूशलम को इजरायल की राजधानी घोषित कर दिया। ट्रम्प ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अमेरिका अपनी एम्बेसी तेल अवीव से इस पवित्र शहर में ले जाएगा। अमेरिका हमेशा से दुनिया में शांति का पक्षधर रहा है और आगे भी रहेगा। सीमा विवाद में हमारी कोई भूमिका नहीं होगी। बता दें कि अमेरिका हमेशा से येरूशलम को पवित्र जगह मानता रहा है। 1948 में यूएस प्रेसिडेंट हैरी ट्रूमैन पहले वर्ल्ड लीडर थे, जिन्होंने इजरायल को मान्यता दी थी।

 

अरब देशों में इसके विरोध में प्रदर्शन शुरू 

ट्रम्प के इस फैसले से पहले ही अरब देशों में इसके विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गए। तुर्की, सीरिया, मिस्र, सऊदी अरब, जॉर्डन, ईरान समेत 10 खाड़ी देशों ने इस पर अमेरिका को वॉर्निंग दी है। चीन, रूस, जर्मनी आदि देशों ने कहा कि इससे तनाव बढ़ेगा। इस बीच अमेरिका ने अपने सिटिजंस को इजरायल की जाने से बचने की सलाह दी है।

 

यहूदी, मुस्लिम और ईसाई तीनों धर्मों के पवित्र स्थल है येरूशलम 

इस इलाके को इजरायल ने 1967 में कब्जे में ले लिया था। यहां यहूदी, मुस्लिम और ईसाई तीनों धर्मों के पवित्र स्थल हैं। यहां स्थित टेंपल माउंट जहां यहूदियों का सबसे पवित्र स्थल है, वहीं अल-अक्सा मस्जिद को मुसलमान पाक मानते हैं।  यूएन और दुनिया के ज्यादातर देश पूरे येरूशलम पर इजरायल के दावे को मान्यता नहीं देते। 1948 में इजरायल ने आजादी की घोषणा की थी। यहां किसी भी देश की एम्बेसी नहीं है। 86 देशों की एम्बेसी तेल अवीव में हैं। 

 

दुनियाभर के मुसलमान भड़क सकते हैं: सऊदी के सुल्तान

सऊदी अरब के सुल्तान सलमान ने कहा है कि अमेरिका के इस कदम से दुनियाभर के मुसलमान भड़क सकते हैं। वहीं, अमेरिका के करीबी दोस्त मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने इसे खतरनाक कदम बताया। फ्रांस, यूरोपियन यूनियन (ईयू) ने भी ट्रम्प के इस कदम पर चिंता जताई है।  

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट