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मुस्‍लि‍म देशों की दादागीरी से ट्रंप ने भारत को बचाया, भरकर भेज दि‍या जहाज

कच्चे तेल के बाद अब भारत ने अमेरिका से प्राकृतिक गैस की खरीद भी शुरू कर दी है

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नई दिल्ली। अमेरि‍का राष्‍ट्रपति‍ ट्रंप ने बीते दि‍नों भारत को लेकर कई कड़वे बोल बोले थे मगर फि‍र भी वह ये मानते हैं भारत से अच्‍छे रि‍श्‍ते बनाना उनके हि‍त में है। कच्चे तेल के बाद अब भारत ने अमेरिका से प्राकृतिक गैस की खरीद भी शुरू कर दी है, जिसकी पहली खेप को अमेरिका के दक्षिण पूर्वी प्रांत लुसियाना से हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दी गई है।  अभी हम इसके लि‍ए खाड़ी देशों जैसे यूएई, कुवैत, सऊदी अरब, ईराक, लीबिया पर ही नि‍र्भर थे, जो कीमतों को लेकर लगातार दबाव बनाते रहते हैं। अब एक नया रास्‍ता खुल जाने से भारत के लि‍ए मोलभाव करना आसान हो जाएगा। 


रवाना हुआ जहाज 
तेल एवं गैस क्षेत्र की सरकारी कंपनी गेल के मुताबिक, लिक्‍वि‍ड नेचुरल गैस (एलएनजी) की पहली खेप गेल के पहले चार्टर्ड जहाज 'मेरिडियन स्पिरिट' में लादी चुकी है और जहाज रवाना भारत के  लि‍ए रवाना हो चुका है। यह खेप 28 मार्च को कंपनी के महाराष्ट्र स्थित दाभोल टर्मिनल पर पहुंचेगी। जहाज को गेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बी.सी.त्रिपाठी ने हरी झंडी दिखाकर भारत के लिए रवाना किया।  आगे पढ़ें कैसे रुकेगा एकाधि‍कार 

 

2011 में हुआ था समझौता 
गेल ने दिसंबर 2011 में प्रति वर्ष 35 लाख टन एलएनजी की आपूर्ति के लिए अमेरिका के एलएनजी निर्यातक शेनियर एनर्जी के साथ खरीद एवं बिक्री समझौते (एसपीए) पर हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता एक मार्च से लागू हो गया है।  कंपनी का कहना है कि अर्थव्यवस्था में प्राकृतिक गैस के इस्तेमाल का दायरे बढाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच को अमलीजामा पहनाने की दिशा में यह समझौता किया गया है।  आगे पढ़ें 

ओबामा ने हटाया था प्रति‍बंध 
उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने गत वर्ष से भारत को कच्चे तेल का निर्यात करना शुरू किया है। उसने पहली बार करीब दो लाख टन यानी 16.9 लाख बैरल कच्चे तेल की आपूर्ति की थी। अमेरिका ने वर्ष 1975 में तेल निर्यात बंद कर दिया था लेकिन पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वर्ष 2015 में यह प्रतिबंध हटा दिया था।
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका से तेल आयात के बाद एलएनजी आयात करना ओपेक देशों पर भारत की निर्भरता कम करेगा। अब हमारे पास एक स्रोत और होगा, जि‍सकी बदौलत हम मोलभाव कर सकेंगे। भारत में आयातित कच्चे तेल का करीब 90 फीसदी, गैस का 75 फीसदी और एलपीजी का 95 प्रतिशत ओपेक देशों से आता है।

 

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