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हार्ट अटैक का रि‍स्‍क बढ़ाती है ये 20 रुपए की गोली, सेलि‍ब्रि‍टी करती हैं यूज

सेलीब्रि‍टी पर अच्‍छा दि‍खने का दबाव उन्‍हें मौत से खेलने पर मजबूर कर देता है।

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नई दि‍ल्‍ली। सेलीब्रि‍टी पर अच्‍छा दि‍खने का दबाव उन्‍हें मौत से खेलने पर मजबूर कर देता है। हीरो हि‍रोइन द्वारा इस तरह की दवाओं का इस्‍तेमाल आम बात है। ज्‍यादा उम्र में फैट बर्न करना और कठि‍न हो जाता है। ऐसे में लोग कुछ खास दवाओं का यूज करते हैं। ये दवाएं आम फैट बर्नर नहीं होतीं और न ही ओपन मार्केट में मि‍लती हैं। 


ये दवा ओपन मार्केट में नहीं मि‍लती मगर ब्‍लैक मार्केट में दवा बेहद आराम से मि‍ल जाएगी। इसमें भी कई क्‍वालि‍टी आती हैं। 100 गोलि‍यों का डि‍ब्‍बी 2000 रुपए में मि‍ल जाती है। यानी एक गोली 20 रुपए की पड़ी।  ये गोलि‍यां इतनी हैवी होती हैं कि‍ फैट को बहूत तेजी से घटा देती हैं। लड़कि‍यां भी तेजी से स्‍लि‍म होने के लि‍ए इन प्रति‍बंधि‍त दवाओं इस्‍तेमाल करती हैं। आगे पढ़ें सेलीब्रि‍टी करती हैं यूज ​ 

क्‍या होता है इस दवा को खाने से 
ऐसी ही एक दवा होती है
Clenbuterol जि‍से सेलीब्रि‍टी पि‍ल कहा जाता है क्‍योंकि‍ ब्रि‍टनी स्‍पीयर्स, लिंडसे लोहान, विक्‍टोरि‍या बेकहम, और नि‍कोल जैसी स्‍टार्स के बारे में कहा जाता है कि उन्‍होंने इसे यूज कि‍या है।  यह दवा को खाने के बाद बॉडी में कंपकंपी होने लगती है। इस कंपकंपी को दवा के काम करने की नि‍शानी माना जाता है। दि‍ल जारों से धड़कने लगता है और सांस चढ़ी रहती है। इसके अलावा मुंह सूखने लगता है। broscience और evolutionary डॉट ओआरजी की रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, इसका सबसे बड़ा साइड इफेक्‍ट यही है कि‍ जो इसे झेल नहीं पात उसे दि‍ल का दौरा तक पड़ सकता है।  
क्लीनब्यूट्रोल को आमतौर पर Clen के नाम से पुकारते हैं। ये दवा अस्थमा के रोगियों के लिए बनाई गई थी पर आजकल यह दवा जानवरों को दी जाती है। Clenbuterol को ephedrine का चचेरा भाई कहा जाता है। इसमे बॉडी में मौजूद फैट को कैलोरी में बदलने की ताकत होती है। आगे पढ़ें क्‍या करती है बॉडी में जाकर 

 

बेसल मेटाबॉलि‍क रेट बढ़ा देती है 


क्लेन इंसान का बेसल मेटाबॉलिक रेट बढ़ा देती है। यह कटिंग और गेनिंग दोनों को प्रमोट करती है। कुल मिलाकर फैट को खत्म करना और मसल्स मास को प्रमोट करना इसका काम है। इससे मसल्स लॉस कम होता है और बॉडी की एरोबिक कैपेसिटी बढ़ती है। क्लीन स्टेरॉइड नहीं है। ये जिन दवाओं की कैटेगरी में आता है उन्हें beta-2-agonists कहा जाता है। यानी ये दवा किसी न किसी फंक्शन को प्रमोट करती है जैसे दिल की धड़कन बढ़ना या ब्लड प्रेशर बढ़ना। कुल मिलाकर यह बात साफ है कि क्लीन स्टेरॉइड न हीं होती।

 

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