Home » Economy » InternationalThis country will give first right to India

जंग हुई तो पहला हक भारत को देगा ये मुस्‍लिम देश, मोदी से कि‍या वादा

पीएम ने संयुक्‍त अरब अमि‍रात के साथ एक ऐसी डील है जि‍सकी वजह से इमरजेंसी के वक्‍त में भारत के हाथ कमजोर नहीं पड़ पाएंगे।

1 of

नई दि‍ल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मि‍लनसार स्‍वभाव और कूटनीति‍क तौर तरीकों से कई मुल्‍कों को अपने साथ कर लि‍या है। मोदी धीरे धीरे मुस्‍लि‍म देशों से नजदीकि‍यां बढ़ा रहे हैं, और कई ऐसी डील कर रहे हैं जि‍नमें भारत का नफा ज्‍यादा है। उनके इन तौर तरीकों ने चीन और अमेरि‍का को भी हैरत में डाल दि‍या है। पीएम ने संयुक्‍त अरब अमि‍रात के साथ एक ऐसी डील है जि‍सकी वजह से इमरजेंसी के वक्‍त में भारत के हाथ कमजोर नहीं पड़ पाएंगे। 


सभी जानते हैं कि‍ तेल का खेल कुछ ऐसा हो  जो इकोनॉमी को हि‍ला देने के साथ-साथ जंग के वक्‍त बाजी पलट सकता है। भारत को अपनी जरूरत पूरी करने के लि‍ए खाड़ी के देशों पर डि‍पेंड रहना पड़ता है। ऐसे में यह खतरा हमेशा मंडराता रहता है कि‍ अगर कोई इमरजेंसी के हालात हुए तो भारत अपने रिजर्व की बदौलत कब तक गाड़ी खींच पाएगा। लेकि‍न मोदी ने इसका तोड़ नि‍काल लि‍या है। आगे पढ़ें, मोदी ने की ये डील

इमरजेंसी में पहला हक भारत का 


मोदी ने ऐसी डील की है जिसके तहत अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी पादुर, मंहलौर और वि‍शाखापत्‍तनम में तकरीबन 60 लाख  लीटर कच्‍चा तेल स्‍टोर कर पाएगी। इसके बदले भारत को ये अधि‍कार मि‍ला है कि जब भी तेल बाजार में कुछ उठापटक या डि‍स्‍टरबेंस होगा इस तेल पर सबसे पहले भारत का हक होगा। इसका मतलब ये है कि अगर भवि‍ष्‍य में जंग या कि‍सी और तरह के हालात बनते हैं तो भारत की तेल की स्‍पलाई मजबूत बनी रहेगी।  आगे पढ़ें इस डील की खास बातें 

1 अप्रैल से तेल आना शुरू हो जाएगा 
यहां करीब 60 लाख बैरल तेल स्‍टोर कि‍या जाएगा। अबूधाबी नेशनल ऑयल कंपनी अप्रैल के शुरू में तीन जहाजों से करीब 15 लाख टन तेल भेजेगी जो यहां स्‍टोर कि‍या जाएगा। यहां कुल स्‍टोर होने वाले तेल में से 35 फीसदी का इस्‍तेमाल कैसे करना है इसके लि‍ए यह कंपनी स्‍वतंत्र होगी, मगर बाकी के 65 फीसदी तेल पर मालि‍काना हक तो कंपनी का ही होगा मगर वो रणनीतिक तौर पर भारत के रिजर्व रहेगा। जब भी भारत चाहेगा इस तेल का इस्‍तेमाल करेगा। भारत यह तेल मुफ्त में नहीं लेगा, उसका बाजार भाव चुकाया जाएगा। मगर यह डील बेहद महत्‍वपूर्ण है। अगर भवि‍ष्‍य में कभी भारत को दो मोर्चों पर जंग लड़नी पड़ गई तो चीन और पाकि‍स्‍तान भारत के समुद्री रास्‍तों की घेराबंदी कर सकते हैं। ऐसे में यह रि‍जर्व भारत के काफी काम आएगा। यही नहीं इस रि‍जर्व की बदौलत भारत अपने तेल बाजार को बेकाबू होने से भी रोक पाएगा। 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट