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40 साल से सि‍नेमाघर को तरस रहा था ये रईस मुल्‍क, अब साथ फि‍ल्‍म देखेंगे औरत-मर्द

इस देश में पब्‍लि‍क प्‍लेस पर औरत मर्द का साथ बैठना तक मना है।

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रियाद। इस देश में पब्‍लि‍क प्‍लेस पर औरत मर्द का साथ बैठना तक मना है। सऊदी अरब में करीब चार दशक के बाद राजधानी रियाद में पहला सिनेमा घर आगामी 18 अप्रैल को खुल जाएगा। एक और खास बात ये है कि‍ हॉल में पुरुषों और महिलाओं के लिए साथ-साथ बैठने की भी व्यवस्था होगी। 
सरकारी मीडिया ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सऊदी अरब ने कल इस संबंध में एएमसी के साथ एक समझौता किया है जिसके मुताबिक अगले पांच वर्षों के दौरान देश के 15 शहरों में 30 से 40 सिनेमा घर खाले जायेंगें। रुढ़ीवादी देश में अन्य सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं और पुरुषों का साथ-साथ बैठना भी वर्जित है , लेकिन सिनेमाघर में वे साथ-साथ बैठकर सिनेमा का लुत्फ उठा सकते हैं।  यहां सि‍नेमा के होने और बंद होने की कहानी भी बड़ी चौंकाने वाली है।  आगे पढ़ें 

हटा लि‍या प्रतिबंध 
सऊदी अरब ने गत दिसंबर में सिनेमाघरों पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया था। इस कदम को सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के सामाजिक सुधारों की शृंखला का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार ने कहा था कि वह तुरंत ही सिनेमाघरों को लाइसेंस देना शुरू करेगी।
सऊदी अरब के संस्कृति और सूचना मंत्री अव्वाद अल अव्वाद ने कहा था, "सिनेमाघरों को खोलने से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे विविधता भी आएगी। एक व्यापक सांस्कृतिक सेक्टर तैयार कर हम नए रोजगार और ट्रेनिंग के अवसर पैदा करेंगे। साथ ही इससे सऊदी अरब में मनोरंजन के विकल्प भी समृद्ध होंगे।" उन्होंने कहा, "2018 की शुरुआत में 35 सालों के बाद पहली बार सिनेमा को सऊदी अरब में संचालित करने की अनुमति दी जाएगी।"  आगे पढ़ें 

 

लगा दि‍या था प्रति‍बंध 
सऊदी अरब में 1980 के दशक के शुरुआत में सिनेमा पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। सऊदी क्राउन प्रिंस का कहना है कि वह सऊदी अरब को उदार इस्लाम की ओर ले जाना चाहते हैं और वह देश में कट्टरपंथी इस्लामी प्रभाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। 
गत वर्ष दिसंबर में ही सऊदी अरब में महिलाओं के ड्राइविंग करने पर लगी पाबंदी हटाने के फैसले के पीछे भी क्राउन प्रिंस थे। कट्टरपंथी सिनेमा को सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान के लिए खतरा मानते हैं। इस आधार पर सऊदी अरब में सिनेमाघरों पर पाबंदी लगाई गई थी। 
गौरतलब है कि 1980 के दशक में इस्लामी कट्टरपंथियों के दबाव में पूरे देश में सिनेमा पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। देश ने इस्लाम का ज्यादा कड़ा रूप अपनाया और कई तरह के मनोरंजन और महिला-पुरुष के घुलने मिलने पर प्रतिबंध लगा दिया। आगे पढ़ें 

 

बदल रहा है वक्‍त
पिछले कुछ समय से देश में शहजादे मोहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व में कई उदारवादी कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें महिलाओं को गाड़ी चलाने की अनुमति देना, उन्हें खेल के मैदानों में प्रवेश आदि शामिल हैं। दरअसल सऊदी अरब टेक की कीमतों में गिरावट से प्रभावित है और अन्य तरीकों से आय हासिल करना चाहता है। इसके अलावा सऊदी में 2030 तक 300 सिनेमा हॉल खोलने का विचार है। इससे सऊदी को 24 बिलियन डॉलर की आमदनी होगी।

 

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