यूं ही नहीं मजबूर हुए इमरान खान, इन 5 वजहों से छेड़ा शांति राग

These 5 point to know Pakistan stand on peace: पाकिस्तान आतंकियों की आड़ लेकर भारत पर हमला करता रहा है। शायद उसे उम्मीद थी कि हर बार की तरफ भारत इस बार भी आतंकी हमले के बाद बातचीत की राह पर लौट आएगा। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ।

Money Bhaskar

Feb 28,2019 07:00:00 PM IST

नई दिल्ली. पाकिस्तान आतंकियों की आड़ लेकर भारत पर हमला करता रहा है। शायद उसे उम्मीद थी कि हर बार की तरह भारत इस बार भी आतंकी हमले के बाद बातचीत की राह पर लौट आएगा। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। भारत ने पाकिस्तान को चौंकाते हुए उसके बालाकोट स्थित सबसे बड़े आतंकी कैंप को हमले से नेस्तानाबूद कर दिया और उसे इसकी इसकी भनक भी नहीं लगने दी। इसके बाद इमरान खान ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए घात लगाकर भारतीय वायुसेना पर हमला किया और एक पायलट को बंधक बना लिया, जिसे जेनेवा कन्वेंशन के तहत पाक को अब छोड़ना पड़ रहा है।

ब्लैक लिस्ट होने का डर

दरअसल पाकिस्तान को इन दिनों कर्ज की काफी जरूरत है। हालांकि आतंकियों को आर्थिक मदद पहुंचाने के आरोप के चलते उसे कर्ज मिलने में मुश्किल होती है। हाल ही में आतंकी फाइनैंसिंग को रोकने के लिए काम करने वाली संस्था फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स ने पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' में बरकरार रखा है। बता दें कि FATF की ग्रे या ब्लैक लिस्ट में डाले जाने पर देश को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से कर्ज मिलने में काफी कठिनाई आती है। इसलिए पाकिस्तान वैश्विक स्तर पर खुद को शांतिप्रिय देश होने का दिखावा कर रहा है, जिसे उसे ब्लैक या फिर ग्रे लिस्ट से बाहर निकाल दिया जाए।

छिटक सकता है निवेश

बता दें कि पाकिस्तान में चीन, यूएई और सऊदी अरब जैसे देशों ने निवेश का वादा किया है। इनमें से चीन जोर-शोर से निवेश कर रहा है, जबकि सउदी अरब ने 20 बिलियन डॉलर निवेश का वादा किया है। साथ ही यूएई की तरफ से भी निवेश का वादा किया गया है। लेकिन युद्ध होने पर पाकिस्तान से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) चला जाएगा। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में निवेश की दर महज 15 फीसदी है। युद्ध के हालात में कोई भी देश निवेश नहीं करना चाहेगा। ऐसे में पाकिस्तान जैसा देश ज्यादा दिन तक खुद को चला नहीं पाएगा।

विदेशी मुद्रा भंडार हो जाएगा खाली

युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार खाली हो जाएगा। पाक के पास महज 18 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। भारत इस मामले में पाक से 20 गुना आगे हैं। ऐसे में पाक के लिए जरूरी वस्तुओं का आयात करना मुश्किल हो जाएगा। बता दें कि भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार पाकिस्तान के मुकाबले 9 गुना ज्यादा है। आर्थिक जानकारों की मानें तो युद्ध होने पर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी करेंसी की कीमत गिरकर 200 रुपए प्रति डॉलर हो सकती है।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.