आर्थिक आरक्षण पर SC का तत्काल रोक से इनकार, केंद्र को भेजा नोटिस

Supreme court notice to modi govt: सुप्रीम कोर्ट आर्थिक आरक्षण के मुद्दे पर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई को राजी होगा गया है। मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है। हालांकि कोर्ट ने आर्थिक आरक्षण पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया है।  सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की पीठ चार हफ्ते में मामले की सुनवाई करेगा। 

Money Bhaskar

Jan 25,2019 01:44:00 PM IST

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट आर्थिक आरक्षण के मुद्दे पर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई को राजी होगा गया है। मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है। हालांकि कोर्ट ने आर्थिक आरक्षण पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की पीठ चार हफ्ते में मामले की सुनवाई करेगा।

तहसीन पूनावाला ने SC में दाखिल की थी याचिका

सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका कारोबारी तहसीन पूनावाला की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि इस फैसले से इंदिरा साहनी मामले में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के 50 फीसदी फीसदी की अधिकतम आरक्षण की सीमा का उल्लंघन होता है। इसी मामले को लेकर मद्रास हाईकोर्ट में पहले से याचिका दाखिल की गई थी।

आरक्षण की कोशिश में नरसिंहा राव सरकार रही थी फेल

देश के पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव ने भी आर्थिक आधार पर आरक्षण देने को कोशिश की थी। उन्होंने अपने कार्यकाल में मंडल आयोग की रिपोर्ट के सवर्णों को 10 फ़ीसदी आरक्षण का ऐलान किया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने खारिज कर दिया था।

संविधान में हुआ संशोधन

बता दें कि मोदी सरकार ने संसद में संविधान के 124वां संशोधन करके सवर्णों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की है। इसके तहत सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है।

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