विज्ञापन
Home » Economy » InternationalSaudi Arabia earns money to Indians

भारतीयों की गाढ़ी कमाई से मालामाल हो रहा है सऊदी अरब, अब इसके खिलाफ विश्व के कई देश आए भारत के साथ

सऊदी किंग सलमान के भारत दौरे के वक्त ये मुद्दा उठ सकता है।

1 of

नई दिल्ली. सऊदी अरब में रह रहे भारतीयों की कमाई का मोटा हिस्सा फंड ट्रांफसर के सर्विस टैक्‍स में चला जाता है। सऊदी अरब में रह रहे भारतीय अपनी गाढ़ी कमाई के पैसे जब अपने घर भेजते हैं, तो उसका एक बड़ा हिस्‍सा बैंक फंड ट्रांसफर की फीस के रुप में चला जाता है। एक अनुमान के मुताबितक भारतीयों की कमाई का 11.6 फीसद हिस्‍सा करीब 250 मिलियन डॉलर (1800 करोड़ रुपए) सऊदी से होने वाले फंड ट्रांसफर की सेवा के रूप में चला जाता है।

 

फंड ट्रांसफर की फीस के खिलाफ आए कई देश 

विदेश से अपने देश पैसे भेजने पर लगाई जाने वाली फीस में कटौती के खिलाफ विश्व के कई देश भारत के साथ आए हैं। दुुनिया में इस सेवा कर से दुनिया के कई मुल्‍कों ने चिंता जताई है। जी-20 के सदस्‍य देशाें ने फंड ट्रांसफर की सेवा कर में कटौती की मांग की है। समूह देशों ने पांच फीसद कटौती का सुझाव दिया है। हालांकि, संयुक्‍त राष्‍ट्र ने तीन फीसद कटौती की बात कही है। 

भारत देता है सबसे ज्यादा फंड ट्रांसफर सेवा कर 

सऊदी अरब में तकरीबन 41 लाख भारतीय कामगार हैं, जो अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए भारत भेजते हैं। वर्ष 2018 में दुनिया में फंड ट्रांसफर के लिए सेवा कर देने में भारत सबसे अग्रणी देश है। इस सेवा में 795 बिलियन डॉलर की रकम विदेश के बैंक हड़प लेते हैं। यह रकम भारत को नहीं मिलती है। 

पाक के मुकाबनले भारतीय ज्यादा पैसा घर भेजते हैं 

एक अनुमान के अनुसार पाकिस्तानी लोग सऊदी अरब से हर साल करीब 6 अरब डॉलर की राशि अपने घर भेजते हैं, जबकि सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय भारत में हर साल 10 अरब डॉलर से ज्यादा भेजते हैं। इतना ही नहीं सऊदी अरब के विभिन्न सेक्टर में करीब 70 भारतीय कंपनियां काम कर रही हैं. यही नहीं, सऊदी अरब में कार्यरत 300 से ज्यादा कंपनियों में भारतीय या तो पार्टनर हैं या उसके मालिक हैं। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन