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भारतीयों को बड़ा तोहफा देने जा रहा है ये मुस्‍लि‍म मुल्‍क, कड़ी फटकार के बाद हुआ राजी

बड़ी संख्‍या में भारतीय अपने सपनों को साकार करने के लि‍ए खाड़ी देशों का रुख करते हैं।

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नई दि‍ल्‍ली। बड़ी संख्‍या में भारतीय अपने सपनों को साकार करने के लि‍ए खाड़ी देशों का रुख करते हैं। वह इस उम्‍मीद में खाड़ी देश जाते हैं कि‍ यह मुल्‍क अमीर हैं और यहां रहकर वह अपने घर परि‍वार के लि‍ए अच्‍छे पैसे कमा पाएंगे। मगर कई बार इस तरह की खबरें सामने आती हैं, जि‍समें कोई भारतीय वहां जाकर फंस जाता है। इंटरनेट पर इस तरह की तस्‍वीरें भी वायरल हुई हैं, जिनमें खाड़ी मुल्‍कों में रह  रहे भारतीय अपील करते हैं कि‍ उन्‍हें कि‍सी तरह से यहां से नि‍काला जाए। अब इसे इंटरनेशनल मंच से मि‍ली लताड़ मान लें या खुद की समझबूझ का नतीजा, खाड़ी के सबसे अमीर देश में भारतीय सहि‍त अन्‍य प्रवासी मजदूरों की हालत में कुछ सुघार आने वाला है।  

जानकारी के मुताबि‍क, कतर इस साल के आखि‍र तक न्‍यूनतम मजदूरी की सीमा बढ़ा देगा। यहां 2022 वर्ल्‍ड कप भी होने हैं, जि‍से देखते हुए कतर लेबर रीफॉर्म पर जोर दे रहा है। न्‍यूनतम मजदूरी का प्रावधान लागू होने के बाद पहली बार इसमें बदलाव कि‍या जा रहा है।  इंटरनेशनल ट्रेड यूनि‍यन कनफेडरेशन ने जनरल सेक्रेटरी शान बरो ने कहा कि इस साल के अंत तक न्‍यूनतम मजदूरी की दरें तय हो जाएंगी। ये एक अच्‍छी खबर है। आगे पढ़ें 

आईएलओ ने डाला जोर 
जब यहां पहली बार न्‍यूनतम मजदूरी लागू हुई थी तो इसे 750 रियाल पर तय कि‍या गया था। यह करीब 13700 रुपए बैठता है। इतनी मजदूरी को काफी कम बताते हुए इसकी आलोचना की गई थी। 
बीते वर्ष कतर ने इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (ILO) के साथ टेक्‍नि‍कल कोऑपरेशन का एक समझौता कि‍या था। इस समझौते के बाद कतर ने यहां काम करने वाले लोगों के भले के लि‍ए कई घोषणाएं की थीं। न्‍यूनतम मजदूरी उन्‍हीं में से एक है। सैलरी के अलावा मजदूरों को मुफ्त रिहाइश, खाना और चि‍कि‍त्‍सा सुवि‍धाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। इसकेअलावा दो सप्‍ताह में एग्‍जिट वीजा का प्रावधान भी शामि‍ल है। 
आईएलओ ने अपनी जांच पड़ताल में पाया कि कतर में हालात अच्‍छे नहीं थे। इसे देखते हुए संयुक्‍त राष्‍ट्र कीएजेंसी ने दोहा में अपना ऑफि‍स खोल लि‍या है। बरो ने भी कहा कि महंगाई को देखते हुए हमारा मानना है कि 750 रुपए में कि‍सी का काम नहीं चल सकता है।  आगे पढ़ें 

 

83  लाख है प्रति‍व्‍यक्‍ति आय 
प्रतिव्‍यक्‍ति‍ आय के मामले में कतर दुनि‍या का सबसे अमीर मुल्‍क है। यहां बहुत बड़ी संख्‍या  में बाहर से आए लोग रहते हैं। आंकड़ों के मुताबि‍क, यहां की कुल जनसंख्‍या में बाहर से आए लोगों की हि‍स्‍सेदारी करीब 88 फीसदी है। इनमें भी सबसे ज्‍यादा संख्‍या भारतीयों की है। यहां करीब 8 लाख भारतीय रहते हैं। इस मुल्‍क की प्रति‍ व्‍यक्‍ति‍ आय करीब 83 लाख रुपए है। हालांकि‍ यहां बाहर से आकर काम करने वालों की हालत काफी खराब रहती है। मजदूरों को दास जैसी स्‍थिति‍ में रखने के लि‍ए कतर की कई बार इंटरनेशनल लेवल पर आलोचना हुई है। 

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